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Fish Farming: भागलपुर में फिशिंग का शौक रखने वालों के लिए फिशरीज पार्क की हुई शुरुआत

During the fishing ban period, financial assistance is provided by the Government towards livelihood and nutritional support for socio-economically backward, active traditional fishers.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. बिहार के भागलपुर जिले में अब फिशिंग का शौक रखने वाले लोगों को फिशिंग करने मौका मिलेगा. वहीं फिशिंग करके वो मछलियों का जायका भी ले सकेंगे. असल में भागलपुर के झंडापुर इलाके के बगरी रेलवे ओवरब्रिज और दिव्या हेचरी प्लांट के पास दिव्या रिक्रिएशनल फिशरीज पार्क की शुरुआत की गई है. उद्घाटन भागलपुर के डीएम डॉ. नवलकिशोर चौधरी ने किया. इस दौरान उन्होंने पूरे पार्क को देखा और बोटिंग सुविधा, बायोफ्लॉक तालाब, हेचरी तथा बैकयार्ड अलंकारी मछलियों के संवर्धन यूनिट देखकर खुशी जाहिर की.

इस दौरान डीएम ने कहा कि ये पार्क जिले को मत्स्य संपदा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने इसके लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया एवं पार्क के निवेशक सौरभ कुंवर की भी तारीफ की. कहा कि इस तरह के काम से हर तरह से फायदा है. इससे कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा. उन्होंने सरकारी योजनाओं के बारे में भी बातचीत की.

सुविधा लेने के लिए देनी होगी फीस
वहीं पार्क के संचालक सौरभ कुंवर ने बताया कि यहां आने वाले लोग फिशिंग कर सकेंगे और पकड़ी गई मछलियों को वहीं स्थित रेस्टोरेंट में बनवाकर भोजन का जायका भी ले सकेंगे. पार्क में प्रवेश और सभी सुविधाओं के लिए निर्धारित फीस ली जाएगी.

उन्होंने आगे बताया कि पार्क में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत लगभग 50 लाख रुपये की लागत से आरएएस यानि रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम लगाया गया है.

ये मेथड हेचरी और अन्य सोर्स से निकलने वाले गंदे पानी को रिसाइकल कर शुद्ध और उपयोगी बनाती है, जिसे फिर तालाब और हेचरी में उपयोग किया जाता है. इस योजना के तहत सरकार द्वारा 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है.

सौरभ कुंवर ने बताया कि पीएम मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत कुल 46 प्रकार की योजनाएं संचालित हैं.

जिनका उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है. इच्छुक लोग मत्स्य विभाग में ऑनलाइन आवेदन कर इन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं.

इस अवसर पर इंस्पेक्टर महेश कुमार सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर दीपक कुमार, थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार, रविंद्र उर्फ नुनु कुंवर सहित कई पदाधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे

निष्कर्ष
जिला मत्स्य पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया का कहना है कि ये पार्क भविष्य में पर्यटन, रोजगार और मत्स्य पालन के क्षेत्र में जिले के लिए एक नई पहचान स्थापित करने की उम्मीद जगाता है. इस तरह का प्लांट लगने से और लोग भी इसे लगाने पर विचार कर सकते हैं. सरकारी मदद से ये संभव भी है.

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