Home मछली पालन Scheme: सरकार फिश फीड तैयार करने वाली फैक्ट्री खोलने के लिए दे रही है आर्थिक मदद, पढ़ें डिटेल
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Scheme: सरकार फिश फीड तैयार करने वाली फैक्ट्री खोलने के लिए दे रही है आर्थिक मदद, पढ़ें डिटेल

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Animal and Fishery Resources) की ओर किए जा रहे प्रयासों के बीच भोजपुर में तेजी से मछली आहार तैयार करने वाले कारखाने तैयार हो रहे हैं. विभाग की ओर से लोगों को अनुदानित दर पर लोन मुहैया कराया जा रहा है. इससे लोगों को रोजगार मुहैया होगा और लोग आत्मनिर्भर बनेंगे. इसके लिए केन्द्र सरकार की योजना के तहत मछली पालकों को निर्धारित लागत पर सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत और एससी-एसटी के अलावा सभी महिलाओं को 60 प्रतिशत तक अनुदानित दर पर लोन मुहैया कराया जा रहा है.

भोजपुर में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से जिले में मछलियों के आहार का उत्पादन कराने पर भी जोर दिया जा रहा है. जिले में इसी साल एक फिश फीड मिल को चालू करा दिया गया है. यहां रोज करीब आठ टन मत्स्य आहार का उत्पादन हो रहा है.

कई कारखाने शुरू हुए हैं
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में पीरो के बसमनपुर सकरी गांव में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत अनुदानित दर पर लोन लेकर लीलावती देवी ने रोजाना आठ टन मत्स्य आहार उत्पादन करने वाली फैक्ट्री को चालू किया है.

जिले भर में मछली पालकों तक यहां से बना मछलियों का बेहतर क्वालिटी का पूरक आहार सस्ती दर पर पहुंच रहा है.

जिले में मछली आहार की फैक्ट्री नहीं होने की वजह से पहले बाहर से आने वाले मछली के आहार की क्वालिटी भी बेहतर नहीं होती थी और कीमत भी अधिक लगती थी.

जिले में अब मछली आहार तैयार करने वाली फैक्ट्री लगाने में भी रुचि दिखाने लगे हैं. अब तक जिले में एकमात्र प्रतिदिन आठ टन मछली आहार उत्पादन की फैक्ट्री हाल में चालू हुई है.

यहां 10 लोगों को प्रत्यक्ष तो करीब 500 लोगों को आप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल रहा है. मछली आहार के कारखाने से प्रभावित होकर कई और लोग फैक्ट्री लगाने में रुचि दिखा रहे हैं.

जिले में फिलहाल मछली आहार के पांच और कारखानों का निर्माण हो रहा है. इनमें रोज 20 टन उत्पादन का एक और रोजाना दो-दो टन मछली आहार उत्पादन करने वाले चार कारखाने इसी वित्त वर्ष में चालू हो जाएंगे.

मछली आहार बनाने की फैक्ट्री लगाने में सरकार की ओर से चल रही योजना के तहत लागत निर्धारित है.

रोज दो टन मछली आहार बनाने वाली फैक्ट्री की लागत 30 लाख रुपये है तो आठ टन की फैक्ट्री में एक करोड़ रुपये खर्च है.

वहीं रोजाना 20 टन उत्पादन वाली फैक्ट्री लगाने में दो करोड़ की लागत आयेगी.

निष्कर्ष
इसमें सरकार की ओर से तय अनुदान दिया जा रहा है. योजना के लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है और अच्छी कमाई की जा सकती है.

Written by
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