नई दिल्ली. ठंड शुरू हो चुकी है. ऐसे में मछली पालकों को कुछ बातों का ध्यान देना बेहद जरूरी है. भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के एक्सपर्ट के मुताबिक ठंड के दौरान मछलियां आमतौर पर कम फीड खाती हैं. क्योंकि तापमान घटने पर मछलियों का फीड खाने का तरीका बदल जाता है. इसलिए जब भी तापमान घटने लगे तो मछलियों को उनके शरीर के वजन के मुताबिक एक से डेढ़ प्रतिशत ही फीड दिया जाना चाहिए. अब आपके तालाब में जितनी मछलियां हैं, उसी हिसाब से अंदाजा लगाकर मछलियों को फीड देना चाहिए.
यदि आप ज्यादा फीड मछलियों को खिलाते हैं तो इससे बड़ा नुकसान भी हो सकता है. एक नुकसान यह होगा कि आपको फीड पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा. इससे मछली पालन की लागत बढ़ जाएगी. वहीं दूसरा नुकसान मछलियों की सेहत पर पड़ने वाले असर की वजह से होगा. उनकी ग्रोथ रुक जाएगी और आपको उत्पादन बेहतर नहीं मिलेगा.
फीड के बारे में जानें यहां
एक्सपर्ट का कहना है कि जब तापमान गिर जाता है और मछलियों को ज्यादा फीड दिया जाता है तो मछलियां अपनी जरूरत के मुताबिक फीड खा लेती हैं लेकिन बाकी फीड बच जाता है.
इसके चलते बचा हुआ फीड धीरे-धीरे सड़ने लगता है और इससे अमोनिया जैसी खतरनाक जहरीली गैस तालाब में उत्पन्न हो जाती है.
इसके चलते पानी की गुणवत्ता सबसे पहले खराब होती है. इससे मछलियों को ऑक्सीजन लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
एक्सपर्ट का कहना है की मछलियों में अमोनिया विषाक्ता के कारण गलफड़े और ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. इससे बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ता है और मछलियों में मृत्यु दर दिखाई देती है.
आपको बता दें कि जब तालाब में अमोनिया गैस उत्पन्न हो जाए तब प्रोबायोटिक का नियमित इस्तेमाल करने से इस समस्या से निजात मिल सकती है.
निष्कर्ष
यदि आप मछलियों के फीड मैनेजमेंट पर ध्यान देते हैं तो इससे अमोनिया गैस नहीं बनेगी और इसके नतीजे में मछलियों की ग्रोथ अच्छी होगी. आपको उत्पादन ही बेहतर मिलेगा. जिससे मछली पालन के काम में मुनाफा बढ़ जाएगा.











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