नई दिल्ली. खेती किसानी के साथ-साथ लोग अब पशुपालन के काम में भी हाथ आजमा रहे हैं. पशुपालन करके वह अपनी इनकम को बढ़ा रहे हैं. सरकार भी पशुपालन को बढ़ावा दे रही है. ताकि किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सके और उनके पास इनकम का एक दूसरा जरिया भी हो जाए. वहीं पशुपालन में बकरी पालन एक ऐसा काम है जो हमेशा से ही किसानों की पहली पसंद रहा है. चाहे छोटे किसानों हों या बड़े किसान उनके घर में आसानी से दो से चार की संख्या में बकरियां मिली जाती हैं. कम खेत वाले किसान भी अक्सर बकरियों को बेचकर पैसा इकट्ठा कर लेते हैं. हालांकि अब बकरी पालन सिर्फ छोटे पैमाने पर नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर हो रहा है और इससे लोग करोड़ों रुपए कमा रहे हैं.
बकरी पालन के लिए ऐसी कई बकरियां हैं, जिनको पालकर अच्छी खासी इनकम कमाई जा सकती है. अगर आप भी बकरी पालन करने की सोच रहे हैं तो हम आपको इस रिपोर्ट में पांच बकरियों की नस्ल के बारे में बताएंगे, जिन्हें पालना फायदेमंद होता है. जिसमें बीटल बकरी, बोर गोट, जमुनापारी बकरी, ब्लैक बंगाल और सिरोही नस्ल शामिल है. इन बकरियों की नस्ल को पालकर आप अच्छी कमाई कर सकते हैं.
जानें बकरियों की नस्ल की खासियत
बीटल बकरी
बीटल नस्ल की बकरी की खासियत की बात की जाए तो दूध और मीट दोनों के लिए बेहतर मानी जाती है.
ये बकरी 2 से 3 बच्चे एक बार में जन्म देती है. इसका दूध उत्पादन डेढ़ लीटर से लेकर ढाई लीटर तक एक समय में होता है.
इसकी खासियत है कि तेजी से बढ़ने वाली नस्ल है और कम निवेश पर अच्छा मुनाफा देती है.
बोर गोट
बोर गोट की बात की जाए तो सबसे ज्यादा मीट उत्पादन करने वाली नस्ल है. बहुत तेजी से वजन इसका बढ़ता है. मांस के लिए सबसे ज्यादा इसकी डिमांड होती है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि ये बहुत तेजी से बढ़ने वाली नस्ल मानी जाती है. बकरी पालन में सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली यही नस्ल होती है.
जमुनापारी बकरी
जमुनापारी बकरी एक बार में दो से तीन बच्चे का जन्म देती है. दो से तीन लीटर इसका दूध उत्पादन भी मिलता है. यह ज्यादा वजन वाली बकरी की नस्ल है.
ब्लैक बंगाल
ब्लैक बंगाल मीट उत्पादन के लिए पालने पर अच्छा मुनाफा देती है. इसकी मांस की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है.
वहीं दो से तीन बच्चे को जन्म देती है. इसका वजन तेजी से बढ़ता है ज्यादा मुनाफा देने वाली बकरियां की लिस्ट में यह भी शामिल है.
सिरोही नस्ल
सिरोही नस्ल की बकरी की बात की जाए तो तेजी से बढ़ाने वाली नस्ल है. 80 परसेंट मामलों में एक बच्चे को जन्म देती है.
जबकि 20 फीसद मामलों दो बच्चों को जन्म देती है. मांस के लिए यह भी बकरी अच्छी मानी जाती है.












