नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी. शाह ने अमृतसर मिल्क यूनियन का दौरा किया और अमृतसर मिल्क यूनियन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, मिल्क यूनियन के मैनेजिंग डायरेक्टर और NDDB, MilkFed और Verka के अधिकारियों के साथ बातचीत की. इस दौरान यूनियन के लोगों ने खरीदे जा रहे दूध की बढ़ती मात्रा को स्टोर करने के लिए पाउडर प्लांट की जरूरत के बारे में एनडीडीबी के चेयरमैन से बताया. यूनियन इस मांग को उन्होंने समझा और हर संभव मदद का आशवासन दिया. चेयरमैन ने हिमाचल प्रदेश का भी दौरा किया.
एनडीडीबी चेयरमैन डॉ. शाह ने अमृतसर मिल्क यूनियन की प्रगति और गतिविधियों पर चर्चा की, जिसमें NDDB द्वारा टर्नकी आधार पर स्थापित किए जा रहे नए 2.35 LLPD फर्मेंटेड मिल्क प्लांट की समीक्षा भी शामिल थी.
बढ़ती जा रही है दूध की मात्रा
बैठक के दौरान, NDDB के चेयरमैन ने बोर्ड को विभिन्न नए उपायों के बारे में जानकारी दी, जिन्हें अमृतसर मिल्क यूनियन में लागू किया जा सकता है.
इनमें गैर-नवीकरणीय जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए एक कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना भी शामिल है.
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने किसानों से खरीदे जा रहे दूध की बढ़ती मात्रा को संभालने के लिए एक नए पाउडर प्लांट की आवश्यकता जताई.
कहा कि ऐसा होने से और ज्यादा दूध को स्टोर किया जा सकेगा और किसानों को इससे फायदा भी होगा.
यूनियन की ओर से कहा गया कि पाउडर यूनिट के चलते किसी भी विपरीत परिस्थिति में दूध की कमी नहीं होगी.
इस जरूरत का संयुक्त रूप से NDDB, Milk Federation और मिल्क यूनियन द्वारा आकलन किया जाएगा.
डॉ. शाह ने इन प्रयासों को आगे बढ़ाने में NDDB की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.
NDDB के चेयरमैन ने पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में अमृतसर मिल्क यूनियन परिसर में एक पौधा भी लगाया.
वहीं दूसरी ओर डॉ. शाह ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (HP Milkfed) के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा के साथ धगवार, कांगड़ा में एनडीडीबी द्वारा स्थापित किए जा रहे 1.5 LLPD क्षमता वाले स्वचालित दुग्ध संयंत्र का दौरा किया.
इस दौरान विभिन्न उत्पादों के लिए लगाए जा रहे संयंत्रों और सिविल वर्क्स के प्रगति की विस्तृत समीक्षा की.
उन्होंने कहा कि धगवार, कांगड़ा में स्थापित किए जा रहे प्लांट की समयानुसार कमीशनिंग होनी चाहिए.
झालेरा, नाहन, नालागढ़ और जलारी में दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र/ चिलिंग सेंटर की स्थापना पर भी बात की.
वहीं धगवार क्षेत्रीय सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ की स्थापना की प्रगति तथा इसके डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट के एनडीडीबी द्वारा प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई.












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