Home पशुपालन Goat Farming: CIRG में 7 दिनों तक दी जाएगी बकरी पालन की ट्रेनिंग, ​सीटें हैं कम, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
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Goat Farming: CIRG में 7 दिनों तक दी जाएगी बकरी पालन की ट्रेनिंग, ​सीटें हैं कम, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

barbari goat farming
बरबरी बकरी की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. बकरी पालन एक अच्छा काम है और इससे बहुत अच्छी कमाई भी की जा सकती है. खासतौर पर लघु और सीमांत किसानों के लिए ये काम ज्यादा अच्छा है लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि जिस तरह से किसी भी काम को करने के लिए अनुभव की जरूरत होती है ठीक उसी तरह से बकरी पालन करने के लिए भी ट्रेनिंग लेना जरूरी है. क्योंकि पशुपालन में बीमारियां उत्पादन को प्रभावित करती हैं और इस काम में नुकसान का कारण भी बनती हैं. जबकि ट्रेनिंग लेकर अगर इस काम को किया जाए तो इस तरह की परेशानी से बचा जा सकता है.

एक्सपर्ट का कहना है कि इससे नुकसान की संभावना बेहद कम रह जाती है इसी वजह से कई सरकारी संस्थान ट्रेनिंग कैंप का आयोजन करते हैं. केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG) मथुरा की तरफ से भी ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया जा रहा है, 2 से 8 दिसंबर यानि 7 दिनों तक बकरी पालन की ट्रेनिंग इस संस्थान की ओर से दी जाएगी. रजिस्ट्रेशन 12 नवंबर से शुरू हो गया है. सीटों की संख्या कम है. इसलिए जल्द से जल्द आवेदन करें. ताकि आप ट्रेनिंग कब फायदा उठा सकें.

ऐसे करें आवेदन
बकरी पालन की ट्रेनिंग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके लिए केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान की वेबसाइट पर जाना होगा और रजिस्ट्रेशन करना होगा.

ट्रेनिंग रजिस्ट्रेशन फॉर्म में नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, योग्यता, कोर्स जो आप करना चाहते हैं उसकी डिटेल, पूरा पता, किस शहर से हैं, किस राज्य से हैं और पिन कोड देना होगा.

इसके अलावा तीन फोटो भी लगानी है. जिसमें खुद का एक फोटो आधार कार्ड की आगे की कॉपी और आधार कार्ड की पीछे की कॉपी लगानी होगी.

सीआईआरजी के डायरेक्टर डॉ. मनीष कुमार चैताली ने बताया कि संस्थान के बकरीपालन में ज्ञान का आधार तैयार करना संस्थान के कार्यक्षेत्र का हिस्सा है.

हमारा मिशन लोगों को रोज़गार सृजन और स्थायी आजीविका के लिए बकरीपालन की उन्नत तकनीकों से अवगत कराना है.

निष्कर्ष
उन्होंने बताया कि संस्थान में प्रशिक्षण सुविधाएं उच्च स्तरीय हैं, संकाय उच्च शिक्षित और अनुभवी हैं. संस्थान विभिन्न प्रकार के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है. किसानों के लिए यह एक नियमित गतिविधि है, जबकि अन्य के लिए इसे व्यावसायिक आधार पर और अनुरोध पर आयोजित किया जाता है. जो किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद है.

Written by
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