Home पशुपालन आर्थिक जोखिम खत्म करेगी ये बीमा योजना, 100 रुपये जमा कराकर ले सकते हैं एक लाख रुपये का मुआवजा
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आर्थिक जोखिम खत्म करेगी ये बीमा योजना, 100 रुपये जमा कराकर ले सकते हैं एक लाख रुपये का मुआवजा

दुधारू गाय व भैंस के ब्याने व उसके बाद सतर्क रहने की आवश्यकता है.
साहीवाल गाय की प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. पशुपालन में जितना लाभ है, उतना आर्थिक जोखिम भी है. अगर ठीक से पशुपालन नहीं किया गया तो पशुओं के मरने की आंशका बढ़ जाती है और किसान या पशुपालक को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है. इसी नुकसान से बचने के लिए अब हरियाणा सरकार ने पशुपालक हरियाणा पशुधन बीमा योजना को शुरू किया है. अगर इस योजना का पशु पालक लाभ लेंगे तो उन्हें होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. इसलिए पशुपालकों को बीमा करवाना चाहिए. गौरतलब है कि हरियाणा में हिसार जिले के बधावड़ में हाल ही में सैकड़ों पशु मर गए. जनवरी में ही बालसमंद में 150 ज्यादापशु मर गए और पिछले रविवार को कुत्तों के नोंचने से रावलवास कलां में छह भेड़ मर गईं. अगर इन सभी पशुओं का बीमा कराया होता तो किसानों को मुआवजा मिल जाता और आर्थिक नुकसान न झेलना पड़ता.

देश की अर्थव्यवस्था में पशुधन बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं. खासतौर पर अगर हम ग्रामीण परिवेश की बात करें तो पशुपालन के जरिए से प्राप्त होने वाली अतिरिक्त आय किसान, पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाती है. सरकार द्वारा संचालित ये पशुधन बीमा योजना किसानों और पशुपालकों के पशुओं की मृत्यु की दशा में होने वाली आर्थिक क्षति को कम करके आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करती है.

एससी वर्ग के लिए फ्री
हरियाणा सरकार ने पशुपालक हरियाणा पशुधन बीमा योजना को शुरू किया है. अगर इस योजना का पशु पालक लाभ लेंगे तो उन्हें होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. इसलिए पशुपालकों को बीमा करवाना चाहिए. इस योजना में पशुपालक या किसानों को मामूली सा अंशदान देकर बीमा योजना का लाभ लेना चाहिए. ये बीमा योजना एससी परिवारों के लिए पूरी तरह से निशुल्क है जबकि बीसी और सामान्य वर्ग परिवारों को 25 रुपये से 100 रुपये तक का वार्षिक अंशदान पर दी जाती है.

आनलाइन कर सकते हैं आवेदन
पशुपालक हरियाणा पशुधन बीमा योजना का लाभ लेने वाले इच्छुक पशुपालक व किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस योजना में पशुओं को बीमा कवर प्रदान किया जाएगा. पशुपालक हरियाणा पशुधन बीमा योजना में गाय, भैंस, बकरी, भेड़, सूअर भार वाहक पशु जैसे घोड़ा, गधा, खच्चर, टट्टू,ऊंट,याक, मिथुन को प्रदान किया जाता है.

योजना का लाभ साला प्रीमियम ऐसे करना होगा जमा
पशुपालक हरियाणा पशुधन बीमा योजना का लाभ सालाना प्रीमियम अदा करने के बाद एक वर्ष की अवधि के दौरान अगर पशु के मर जाता है तो बीमा कंपनी संबंधित पशु पालक को मुआवजा देगी. इस योजना का लाभ परिवार के पहचान पत्र पर पांच बड़े जानवर या फिर 50 छोटे जानवरों का बीमा कराकर दिया जा सकता है. इस बीमा योजना को एससी वर्ग के लिए पूरी तरह से फ्री रखा गया है जबकि बीसी और सामान्य वर्ग को गाय, भैंस, बैल, ऊंट के साला सौ रुपये अदा करने होंगे और बकरी, भेड़, सूअर के लिए 25 रुपये प्रति वर्ष बतौर प्रीमियत के रूप में अदा करने होंगे.

कैसे लिया जा सकता है योजना का लाभ
पशुपालक हरियाणा पशुधन बीमा योजना का लाभ लेने के लिए बीमा कंपनियों ने कुछ क्राइटएरिया तय कर रखे हैं. बीमा राशि पशु विभाग के कर्मचारी स्वास्थ्य और दूध के हिसाब से कीमत तय करते हैं. अनुमानित भेड़ बकरी के 5 हजार और भैंस—गाय के दूध और स्वास्थ्य के हिसाब से एक लाख तक मिल सकता है.नीचे गए बिंदुओं में से किसी भी स्थिति मे अगर पशु मर जाता है तो बीमा कंपनी पशुपालक या किसान को हर हाल में मुआवजा देगी.

पशु को करंट लगने से.
नहर या जोहड़ में डूबने से.
बाढ़ के कारण मौत हो जाने से.
आग लगाने के कारण मर जाने से.
वाहन से टकराने के बाद मर जाने से.
प्राकृतिक आपदा के कारण मर जाने से.
बीमारी से मौत होने की स्थिति में.
किसी भी कारण हादसा हो जाने की स्थिति में.

Written by
Livestock Animal News Team

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