Home सरकारी स्की‍म वेटरनरी साइंस और पशुपालन क्षेत्र के समूहों को मिलेगा भरपूर लाभ, आईवीआरआई ने किया MOU साइन
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वेटरनरी साइंस और पशुपालन क्षेत्र के समूहों को मिलेगा भरपूर लाभ, आईवीआरआई ने किया MOU साइन

आईवीआरआई पशु चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देगा. इन स्टार्टअप को संरचित इनक्यूबेशन सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग प्रदान कर संस्थान पशु रोग निदान, डोरस्टेप लैब सेवाएं, डेयरी फार्म समाधान और अनारोबिक कंपोस्टिंग तकनीक से जुड़े उन्नत समाधान विकसित करने में मदद करेगा.
स्मृति चिन्ह देते अतिथिगण।

नई दिल्ली. किसान भाइयों के लिए खुशखबरी है. पशु चिकित्सा विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एक स्टार्टअप पर साइन किया गया है. भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) ने आरकेवीवाई रफ्तार एबीआई योजना के तहत स्टार्टअप के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है. ये समझौता पशु चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार-आधारित उद्यमशीलता के बीच की खाई को पाटने में आईवीआरआई की महत्वपूर्ण भूमिका को मजबूत करता है. इस पहल से पशु चिकित्सा और पशुपालन क्षेत्र के सूहहो को बड़ा लाभ मिलेगा और उद्योग में प्रभावशाली परिवर्तन आएंगे. आईवीआरआई एवं आरकेवीवाई रफ्तार एबीआई योजना के सतत सहयोग से ये स्टार्टअप टिकाऊ, नवाचार-आधारित और बाजार केंद्रित समाधान विकसित करेंगे. जो न केवल पशुपालन क्षेत्र की उत्पादकता को बढ़ाएंगे बल्कि भारत के कृषि एवं पशु चिकित्सा उद्योग में आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास को भी गति देंगे.

पशु रोगों की समस्या खोजन में मिलेगी मदद
इस सहयोग के जरिए आईवीआरआई पशु चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देगा. इन स्टार्टअप को संरचित इनक्यूबेशन सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग प्रदान कर संस्थान पशु रोग निदान, डोरस्टेप लैब सेवाएं, डेयरी फार्म समाधान और अनारोबिक कंपोस्टिंग तकनीक से जुड़े उन्नत समाधान विकसित करने में मदद करेगा.

वित्तीय सहायता इन स्टार्टअप्स को मिलेगी
समझौते के तहत पहले चरण की वित्तीय सहायता इन स्टार्टअप को प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल कर सकें. आईवीआरआई अपने समृद्ध अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञता, व्यावसायिक परामर्श और अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराकर इन स्टार्टअप की वृद्धि और विस्तार को तय करेगा.

ये रहे मौजूद
इस दौरान निदेशक डॉक्टर त्रिवेणी दत्त, संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉक्टर रूपसी तिवारी, प्रधान अन्वेषक एवं सीईओ आर-एबीआई डॉक्टर बबलू कुमार, आर-एबीआई टीम तथा चयनित पांचवें समूह के स्टार्टअप्स-गिरगाउ जतन प्राइवेट लिमिटेड, मैंगो वुड डेयरी फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड, पायनियर इन वेटरनरी डायग्नॉस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड और डीएनए लैब मौजूद रहे.

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