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Poultry: जानें मुर्गियों कितना खिलाना चाहिए हरा चारा, किससे मिलता है उन्हें जरूरी पोषक तत्व, पढ़ें यहां

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पोल्ट्री बर्ड की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मुर्गियों से अच्छा प्रोडक्शन लेने के लिए और उनकी तेजी से ग्रोथ के लिए जरूरी है कि उन्हें पोषक तत्वों से भरपूर फीड दिया जाए. इसमें प्रोटीन विटामिन और खनिज को शामिल किया जाना चाहिए. इससे मुर्गियां तेजी से बढ़ेंगी और पोल्ट्री फार्मर को इसका फायदा भी होगा. इसलिए पोल्ट्री फार्मर्स को हमेशा ही पोषक तत्वों से भरपूर चारा अपनी मुर्गियों को खिलाना चाहिए. बता दें कि मुर्गियों को हरा चारा देने का भी फायदा होता है. हरे चारे में विटामिन और खनिज की भरपूर मात्रा होती है. इससे मुर्गियों को जरूरी पोषक तत्व मिल जाता है और मुर्गियां अच्छे से ग्रोथ करती हैं.

सवाल उठता है कि मुर्गियों को कितना हरा चारा दिया जाना चाहिए? चूजों को किस हिसाब से चारा दिया जाना चाहिए और कौन-कौन सा हरा चारा मुर्गियों के लिए बेहतर होता है? जिससे उनकी ग्रोथ और प्रोडक्शन बेहतर हो. इन सब बातों की जानकारी पोल्ट्री फार्मर्स को होनी चाहिए. आइए इसी बारे में आपको बताते हैं कि मुर्गियों को कितना हरा चारा देना चाहिए और किस तरह के चारे को खाने से मुर्गियों की ग्रोथ तेजी से होती है.

मुर्गियों को खिलाएं ये हरा चारा
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि हरा चारा प्रोटीन, खनिज और विटामिन का बेहतरीन सोर्स होता है. यह मुर्गियों की हैल्थ और अंडे उत्पादन के लिए बेहतरीन होता है. अगर पत्तीदार हरा चारा फूल आने से पहले काटकर मुर्गियों को दे दिया जाए तो उन्हें प्रोटीन, खनिज और विटामिन भरपूर मात्रा में मिल जाएगा. पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि हरे चारे में बरसीम और लोबिया सबसे बेहतर माने जाते हैं. इसके अलावा गोभी, गाजर, मूली आदि के पत्ते भी दिए जा सकते हैं. वहीं पालक जैसी सब्जियों के अनुपयोगी पत्तों के हिस्से को भी मुर्गियों को खिलाया जा सकता है. मुर्गियों के आहार में अजोला भी दिया जाता है. हरे चारे को साफ पानी से धोकर और काटकर देना चाहिए.

कितना खिलाना चाहिए हरा चारा
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि चारे को देने का भी तरीका है. अगर आप मुर्गी को हरा चारा दे रहे हैं तो हर दिन 30 से 50 ग्राम प्रतिदिन दे सकते हैं. जबकि चूजा है तो उसे 20 से 30 ग्राम प्रतिदिन दे सकते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुर्गी को आहार के तौर पर पुराने सूती कपड़े के टुकड़े, बोरे का टुकड़ा, गोबर के सूख कंडे और थोड़ा कच्चा गोबर भी दिया जाता है. दीमक लगी हुई लकड़ी के सूख टुकड़े, दीमक का टुकड़ा भी दिया जाता है. कई पोल्ट्री फार्मर्स मटकी को पलट कर दीमक चूजों को खिलाते हैं. इससे उन्हें अच्छा प्रोटीन मिलता है. जिससे उनकी ग्रोथ तेजी के साथ होती है.

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