Home मीट Meat Production: मीट की प्रोसेसिंग करने के लिए इन चार मशीनों की पड़ती है जरूरत, यहां पढ़ें इनके काम
मीट

Meat Production: मीट की प्रोसेसिंग करने के लिए इन चार मशीनों की पड़ती है जरूरत, यहां पढ़ें इनके काम

buffalo meat benefits
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मीट उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए कई मशीनरी की जरूरत होती है. जिसकी मदद से मीट का हाइजीनिक तरीके से प्रोडक्शन किया जाता है. इसमें स्लाइसर का की जरूरत भी पड़ती है. स्लाइसर की मदद से मांस और मांस उत्पादों को अलग-अलग जरूरतों के लिए पतले स्लाइस के रूप में काटा जाता है. यह एक घूमने वाले ब्लेड द्वारा हासिल किया जाता है जिसे अलग-अलग मोटाई के स्लाइस प्राप्त करने के लिए समायोजित किया जा सकता है. नमूनों की कुशल स्लाइसिंग के लिए इन-बिल्ट ब्लेड शार्पनर भी उपलब्ध हैं. विभिन्न उत्पादों के लिए विभिन्न क्षमताओं और प्रकारों के स्लाइसर उपलब्ध हैं.

वहीं मिंसर का उपयोग मीट के आकार को अलग-अलग कणों के आकार में कम करने के लिए किया जाता है. तमाम छेद आकारों (3, 5, 8 और 13 मिमी) की ग्राइंडर प्लेटों की मदद से, मांस को उत्पाद की आवश्यकता के अनुसार जरूरी कण आकार में कीमा बनाया जा सकता है. कीमा बनाया हुआ मांस विभिन्न मूल्य वर्धित मांस उत्पादों, विशेष रूप से इमल्शन/पुनर्गठित प्रकार के उत्पादों की तैयारी के लिए उपयोग किया जाता है. ब्लेड और चाकू को ठीक से लगाना और मांस का कम तापमान बनाए रखना बेहतर कीमा बनाने और संपूर्ण आउटपुट प्राप्त करने के लिए जरूरी है.

बाउल चॉपर की क्या है जरूतर
मीट को चॉप करने के लिए बाउल चॉपर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें कई ब्लेड लगे होते हैं और एक घूमता हुआ बाउल होता है. चॉपिंग के दौरान, कीमा बनाया हुआ मीट बारीक पेस्ट में बदल जाता है और सभी सामग्री (बाइंडर, मसाला मिक्स, मसाले, आदि) को अच्छी तरह से मिलाकर मीट इमल्शन बैटर बनाया जाता है. जिसका इस्तेमाल पैटीज़, बर्गर, नगेट्स और सॉसेज बनाने में किया जाता है. चूंकि इनमें से ज्यादातर स्टेप्स लिपिड ऑक्सीडेशन को प्रेरित करते हैं और इमल्शन की क्वालिटी को प्रभावित करते हैं, इसलिए वैक्यूम बाउल चॉपर का इस्तेमाल करना उचित है, जिसमें सभी ऑपरेशन वैक्यूम के तहत किए जाएंगे.

टम्बलर का कब होता है इस्तेमाल
यह मीट के टुकड़ों के गिरने से होने वाले दबाव के कारण मीट फाइबर के टुकड़े के माध्यम से मीट के टुकड़ों की सतह पर मीट प्रोटीन को निकालने और मीट के टुकड़ों को ठीक करने में मदद करता है. इसमें एक ड्रम होता है, जिसके अंदर पैडल लगे होते हैं. जब सिलेंडर मीट के साथ घूमता है, तो गिरने से होने वाला प्रभाव ठीक होने वाले मीट के भाग को मिलाने और ठीक करने में मदद करेगा. वैक्यूम टम्बलर के उपयोग से लिपिड ऑक्सीकरण कम हो जाएगा. पुनर्गठित मांस उत्पादों की तैयारी के लिए टम्बलर एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

goat farming
पशुपालनमीट

Goat Farming: बकरियों को एक ही चारागाह में ज्यादा समय तक न चराएं

नई दिल्ली. पशुपालन करने की सोच रहे हैं और बजट भी ज्यादा...

livestock animal news
पोल्ट्रीमीट

Poultry: बिहार ​अंडा-चिकन व्यवसाय का बनेगा हब, सस्ते फीड होंगे उपलब्ध

नई दिल्ली. पोल्ट्री सेक्टर में बिहार अब नई उंचाइयां छूने जा रहा...