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Milk Production: इस वजह से गाय का दूध उत्पादन हो जाता है कम, बढ़ाने के लिए करें ये उपाय

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि जब गाय बच्चे को जन्म देती है तो उसके बाद उसके शरीर के अंदर की गंदगी साफ होना बेहद ही जरूरी होता है. क्योंकि इससे दूध उत्पादन का सीधा कनेक्शन रहता है. अगर पशु के शरीर के अंदर की गंदगी समय से और सही तरह से साफ नहीं होती तो पशु दूध उत्पादन अपनी क्षमता के मुताबिक नहीं कर पता है. या ये कहा जाए कि उसका दूध उत्पादन बेहद ही कम हो जाता है. इसका सीधा सा मतलब है कि इससे डेयरी फार्मिंग में पशुपालकों को नुकसान होने लगेगा. अगर आप चाहते हैं कि आपका पशु सही से दूध का उत्पादन करे तो उसके शरीर की गंदगी को बाहर करने के लिए उपाय जरूर करें.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि पशु के शरीर से गंदगी साफ करने को मैला छंटाई भी कहा जाता है. यह बड़ी आसानी के साथ किया जा सकता है. इसके लिए आपके घर पर मौजूद ही कुछ चीज लेनी होगी. जिससे पशु के शरीर के अंदर मौजूद गंदगी कुछ दिनों में साफ हो जाएगी और दूध का उत्पादन करना शुरू कर देंगे. अगर गाय 10 लीटर दूध उत्पादन करने वाली है तो वह 10 लीटर दूध का उत्पादन करेगी. इससे कम नहीं होगा. वहीं पशुओं को कई और भी फायदा यहां बताए जाने वाले मिश्रण को खिलाने से होता है.

5 से 6 दिनों तक मिश्रण पशु को खिलाएं
अब बात करते हैं कि गाय के शरीर के अंदर मौजूद गंदगी की छंटाई को करने के लिए क्या किया जाए तो इसके लिए चार पांच चीजों की जरूरत पड़ती है. जिसमें 10 हल्दी, 10 ग्राम सोंठ, 10 ग्राम जीरा, 10 ग्राम सौंफ, 50 ग्राम अजवाइन और 500 ग्राम गुड़ लेना है. इन सारी चीजों को 3 लीटर पानी में मिलाकर उबालना है और उसके बाद पशु को खिलाना है. वहीं लगातार 5 से 6 दिन तक पशु को यह मिश्रण खिलाते रहें. इससे शरीर के अंदर की गंदगी बहुत जल्दी साफ हो जाएगी और पशु अपनी क्षमता के मुताबिक दूध का उत्पादन करने लगेगा.

इस खास मिश्रण को खिलाने के ये भी हैं फायदे
वहीं इस मिश्रण को खिलाने का एक और फायदा भी है. वह ये है कि पशु अगली बार समय हीट में आ जाएगा और उसे समय से गाभिन कराया जा सकेगा. क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि पशु समय पर हीट में नहीं आता है और इससे उसे गाभिन नहीं कराया जा पाता है. जिसके चलते पशु कंसीव नहीं कर पाता है. इससे अगली बार दूध उत्पादन का समय बढ़ जाता है. इसलिए पशु का हीट में आना और गाभिन होना बेहद ही जरूरी है. नहीं तो डेयरी फार्मिंग के काम में नुकसान हो सकता है.

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