Home डेयरी Dairy: पांच साल में नंबर वन दूध उत्पादक राज्य बनेगा मध्य प्रदेश, सरकार पशुपालन को दे रही बढ़ावा
डेयरी

Dairy: पांच साल में नंबर वन दूध उत्पादक राज्य बनेगा मध्य प्रदेश, सरकार पशुपालन को दे रही बढ़ावा

भैंस को दिन में दो-तीन बार नहलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आमदनी केवल एक फसल से नहीं बल्कि बहु फसलों एवं उन्नत पशुपालन से बढ़ेगी. इस बात को ध्यान में रखकर सरकार द्वारा उन्नत व प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है. कहा कि हम अगले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में नम्बर वन राज्य बनायेंगे. इसी कड़ी में सरकार नेशनल डेयरी विकास योजना के तहत ग्वालियर दुग्ध संघ सहित सांची दुग्ध उत्पादन संघ को भरपूर मदद दे रही है. इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

सीएम ग्वालियर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्नत कृषि पर हुई संभागीय कार्यशाला में मौजूद किसानों से संवाद कर रहे थे. उन्होंने कार्यशाला में किसानों से सीधा संवाद करते हुए जैविक व प्राकृतिक खेती पर अनुभव सुने. सीएम ने ग्वालियर में मूर्तरूप लेने जा रही अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का भी रिमोट से भूमिपूजन किया.

बीट को बत्तखें और मछलियां खाती हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2023 के बाद सिंचाई रकबे में बड़ी बढ़ोतरी हुई है.

वर्ष 2003 में प्रदेश का सिंचाई रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हैक्टेयर था जो अब बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है.

इसे हम 100 लाख हैक्टेयर तक ले चंबल-पार्वती-काली सिंध एवं केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजनाओ के माध्यम से यह संभव हुआ.

उन्होंने इन परियोजनाओं की मंजूरी के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से विशेष रूप से आभार व्यक्त किया.

किसानों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रदेश के कृषकों को 31 मार्च तक ऋण जमा करने की चिता नहीं रही है. सरकार ने अब उन्हें ऋण जमा करने के लिये पूरे एक साल का मौका दिया है.

उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार द्वारा सभी प्रकार के कृषि उत्पादों व पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की सहूलियतों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है.

कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि प्रणाली के तहत मॉडल स्वरूप बनाए गए बहुउद्देश्यीय तालाब में जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दाने डालकर तालाब के दूसरे छोर पर तैर रहीं बतखों को पुकारा तो बतखें उनके नजदीक आ गईं और बड़े चाव के साथ दानों को खाया.

गौरतलब है कि इस तालाब को कृषि विश्वविद्यालय परिसर के भवनों से जुड़ीं वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं से भरा जाता है.

तालाब के ऊपर एक बड़ा मुर्गी पालन बॉक्स बनाया गया है. मुर्गियों के चूजों की बीट इस तालाब में गिरती है जिसे मछलियां व बतखें खाती हैं.

इस प्रकार एक संरचना से सफलतापूर्वक मुर्गी, मछली व बतख पालन किया जा रहा है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

NPDD scheme is being implemented to enhance quality of milk and milk products and increase share of organized milk procurement.
डेयरी

Milk Production: पशु के दूध में फैट कम होने के हैं तीन मुख्य कारण, बढ़ाना भी है बेहद ही आसान

नई दिल्ली. गाय-भैंस यदि भरपूर दूध का उत्पादन करे लेकिन दूध के...

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Government Scheme: गाय पालने पर यूपी सरकार दे रही है आर्थिक मदद

नई दिल्ली. बिजनेस को छोटे स्तर से भी शुरू करके बड़ा बनाया...

milk production
डेयरी

Dairy News: दूध उत्पादन बढ़ाने के पांच टिप्स बहुत आएंगी आपके काम

नई दिल्ली. हर एक पशुपालक की ये चाहत होती है कि उसके...

डेयरी

Dairy: बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर के उत्पादन में अहम है डेयरी कोऑपरेटिव नेटवर्क

नई दिल्ली. यूके के बर्मिंघम में आयोजित ‘वर्ल्ड बायोगैस एक्सपो एंड समिट...