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Dairy Sector: बढ़ेगा दूध उत्पादन, ज्यादा होगी खरीद और हरे चारे की कमी भी की जाएगी दूर

आनंद में मगध मिल्क यूनियन के चुने हुए बोर्ड मेंबर्स से बातचीत करते एनडीडीबी के चेयरमैन.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की ओर से लगातार देश में दूध की खरीद को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए कोऑपरेटिव्स को मजबूत करने के निर्देश जिम्मेदारों को दिए गए हैं. साथ ही गर्मियों में हरे चारे की कमी को दूर करने और पशुओं से ज्यादा उत्पादन लेने पर भी काम किया जा रहा है. इसी कड़ी में एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह ने नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट (NPDD) के तहत आयोजित तीन दिन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान NDDB, आनंद में मगध मिल्क यूनियन के चुने हुए बोर्ड मेंबर्स से बातचीत की.

इस बातचीत के दौरान, उन्होंने मिल्क यूनियन को मजबूत करने के लिए मुख्य प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी. जिसमें प्रोड्यूसर बेस का विस्तार, मेंबर्स की भागीदारी बढ़ाना और दूध की खरीद बढ़ाने के लिए गांव-स्तर की कोऑपरेटिव्स को मजबूत करना शामिल है. एनडीडीबी के चेयरमैन ने चारे पर आधारित FPOs के लिए NDDB के टेक्निकल सपोर्ट और चारे की कमी को दूर करने और जानवरों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए साइंटिफिक साइलेज बनाने को बढ़ावा देने का भरोसा दिया.

NDDB MRIDA से जुड़ने के लिए किया प्रोत्साहित
डॉ. शाह ने घरेलू लेवल के बायोगैस प्लांट्स को बढ़ावा देने के लिए NDDB की सब्सिडियरी, NDDB MRIDA Ltd के साथ जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया.

उन्होंने इनपुट कॉस्ट कम करने और सस्टेनेबिलिटी बढ़ाने के लिए खाद मैनेजमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल भी बात की.

साथ ही क्लाइमेट-रेसिलिएंट डेयरी फार्मिंग को कवर करने वाले सस्टेनेबल फार्म मैनेजमेंट प्रैक्टिस पर डेमोंस्ट्रेशन यूनिट्स स्थापित करने का सुझाव दिया.

चेयरमैन ने NDDB, आनंद में किसानों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑर्गनाइज करने के बोर्ड के फ़ैसले का भी स्वागत किया.

उन्होंने कहा कि इस तरह के एक्सपोज़र से कोऑपरेटिव मॉडल की समझ मज़बूत होगी, किसानों की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा और डेयरी कोऑपरेटिव की लंबे समय की ग्रोथ और स्टेबिलिटी को सपोर्ट मिलेगा.

ओरिएंटेशन प्रोग्राम में बोर्ड की भूमिका, ज़िम्मेदारियों और एथिक्स, आज के नेशनल और ग्लोबल डेयरी नज़रिए, व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0, NPDD फ्रेमवर्क, मिल्क यूनियनों का परफॉर्मेंस असेसमेंट, एथनो-वेटरिनरी मेडिसिन (EVM) और कोऑपरेटिव के जरिए डेयरी पर स्ट्रक्चर्ड और इंटरैक्टिव सेशन शामिल हैं.

प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर, पार्टिसिपेंट्स अमूल डेयरी फैसिलिटीज़, मुजकुवा DCS, फ्लेक्सी बायोगैस प्लांट, गोचर लैंड चारा डेवलपमेंट इनिशिएटिव, IDMC लिमिटेड और NDDB की चारा और सस्टेनेबल फार्म मैनेजमेंट डेमोंस्ट्रेशन यूनिट्स का दौरा करेंगे.

Written by
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