Home डेयरी Dairy Sector: असम में डेयरी सेक्टर को आगे ले जाने और किसानों को फायदा पहुंचाने को बना ये प्लान
डेयरी

Dairy Sector: असम में डेयरी सेक्टर को आगे ले जाने और किसानों को फायदा पहुंचाने को बना ये प्लान

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस से किसानों को बड़ा फायदा पहुंचाया जा सकता है. उनकी इनकम बढ़ाई जा सकती है. इस बात को सरकारें समझ चुकी हैं. इस वजह से पशुपालन करके दूध उत्पादन को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है. इसी कड़ी में असम के राजभवन द्वारा ‘डेयरी, पशुपालन एवं सहकारिता के विकास’ पर दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया. असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य की पहल पर इस कार्यक्रम में असम में डेयरी और पशुधन क्षेत्रों को सशक्त बनाने की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाया गया.

कॉन्क्लेव में एनडीडीबी, North East Dairy and Foods Limited (NEDFL) (पूरबी), WAMUL (Purabi Dairy), EAMUL, ICAR NDRI, Amul Dairy, ALDA, पशु चिकित्सा महाविद्यालयों, डेयरी सहकारिताओं तथा प्रगतिशील किसानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. एस बी बोस, प्रबंध निदेशक, NEDFL ने असम डेयरी विकास योजना प्रस्तुत की. एनडीडीबी के विशेषज्ञ पैनल में डॉ. नीलेश नाई, ग्रुप प्रमुख (पशु प्रजनन), डॉ. राजेश शर्मा, उप महाप्रबंधक (पशु पोषण), श्री आर सौंधराजन, उप महाप्रबंधक (अभियांत्रिकी सेवाएं) तथा श्री हृषिकेश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक (सहकारिता सेवाएं) शामिल रहें तथा विभिन्‍न विषयों पर महत्त्वपूर्ण जानकारी को साझा किया.

जानें क्या था उद्देश्य
बता दें कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य राज्यभर में सहकारी डेयरी का विस्तार कर 2030 तक 10 लाख लीटर प्रतिदिन (LLPD) की क्षमता प्राप्त करना तथा लगभग 1.75 लाख किसानों को फायदा पहुंचाना है.

जिसमें प्रजनन और पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटाइज्ड कृत्रिम गर्भाधान (AI) सेवाएं, जीनोमिक चयन, सेक्स-सॉर्टेड सीमन तथा स्वदेशी नस्लों जैसे लखीमी गाय और लुइत भैंस के संवर्धन पर बल दिया गया.

चारा एवं आहार में प्रमाणित बीज प्रणाली, पेरेनियल फोडर नर्सरी और पायलट साइलेज, टीएमआर यूनिट के विकास तथा वैकल्पिक आहार संसाधनों के उपयोगिता की आवश्यकता को रेखांकित किया.

डेयरी तकनीक और प्रोसेसिंग के सेक्टर में सौर ऊर्जा चालित बीएमसी (BMC) जैसी कुशल प्रणालियों को अपनाने पर सुझाव दिए गए ताकि परिचालन लागत को किफायती बनाया जा सके.

सहकारिता विकास सत्र में ,स्थानीय रूप से संचालित सहकारिताओं को व्यावसायिक सहयोग के साथ डेयरी मूल्य शृंखला को सशक्त बनाने के महत्व पर बल दिया गया.

एनडीडीबी के मार्गदर्शन में, WAMUL ने 500 LLPD से 1.5 LLPD तक की प्रगति को एक उल्लेखनीय उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया.

इस कॉन्क्लेव का समापन, एनडीडीबी द्वारा संचालित पूरबी असम में डेयरी विकास के अगले चरण का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका की सामूहिक सराहना के साथ हुआ.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy: तेलंगाना में दूध की खरीद को बढ़ाने में सहयोग करेगा एनडीडीबी, सरकार से हुआ समझौता

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने तेलंगाना राज्य में सहकारी...

पनीर असली है या नकली इसकी पहचान करने का सबसे पहला तरीका यह है कि पनीर के टुकड़े को हाथों से मसलकर देखें.
डेयरी

Dairy: डिटर्जेंट और यूरिया मिलाकर बना रहे पनीर, जांच करने पर नमूनों में मिली 97 फीसद तक मिलावट

नई दिल्ली. राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy Sector: पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी डेयरी नेटवर्क को विस्तारित करेगी सरकार

नई दिल्ली. अगर कहीं भी सरकार सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार करती...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Milk Production: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी किसानों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि

नई दिल्ली. बिहार के बरौनी सुधा डेयरी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों...