नई दिल्ली. अंडा उत्पादन करके अच्छी कमाई करने का प्लान है और आप चाहते हैं कि आप ऐसी नस्ल की मुर्गी को पालें जो साल में ज्यादा से ज्यादा अंडों का उत्पादन करें तो इसके लिए ब्लैक ऑस्ट्रेलॉर्प (Black Australorp) नस्ल की मुर्गी बेहद सही चॉइस हो सकती है. ये ऑस्ट्रेलिया की एक प्रमुख देसी पोल्ट्री ब्रीड है जो सालाना 300 से ज्यादा अंडे देने के लिए दुनिया भर में जानी जाती है. ऑस्ट्रेलिया के गर्म मौसम में ये खुद को सही तरह से ढाल पाती है और अंडों का उत्पादन करती है. इसी तरीके से भारत में भी ये मुर्गी को पाला जा सकता है. क्योंकि यहां भी अधिकतर समय मौसम गर्म रहता है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि चाहे ज्यादा गर्मी पड़े या ज्यादा ठंड दोनों ही कंडीशन में यह मुर्गी ज्यादा अंडा उत्पादन करने की क्षमता रखती है. इसके बारे में यहां तक कहा जाता है कि 50 डिग्री तक तापमान को सहन करने की क्षमता रखती है. जिससे ये फ्री रेंज फार्मिंग के लिए सबसे उत्तम नस्ल बन जाती है. अच्छी बात ये है कि इस नस्ल की मुर्गी को आप दोनों कामों के लिए पाल सकते हैं. यानी अंडा और मांस दोनों ही उत्पादन मिलता है. इस नस्ल के मुर्गे साढ़े तीन किलो से लेकर 4 किलो तक वजन रखते हैं. जबकि मुर्गियों का वजन ढाई से 3 किलो तक होता है.
बना चुकी है रिकॉर्ड
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अंडा उत्पादन के मामले में इस प्रजाति की मुर्गी ने 365 दिन में 364 अंडा देने का रिकॉर्ड बनाया हुआ है.
उनके पंख चमकदार काले, हरे नीले आभा के साथ और कलंगी व गलकंबल लाल रंग के होते हैं.
5 से 6 महीने की उम्र में ही ये मुर्गी अंडा देना शुरू कर देती है. इसलिए जल्दी फायदा होना शुरू हो जाता है.
ये कड़कनाथ की तरह दिखती है. बाहर से पूरी तरह से काली होती है लेकिन अंदर से इसका मांस अन्य मुर्गियों जैसा ही होता है.
यह बहुत ही शांत स्वभाव की होती है और छोटे बड़े फार्म में खुले में आसानी से पाली जा सकती हैं.
निष्कर्ष
पोल्ट्री फार्मिंग में अंडा उत्पादन का काम बेहद ही अच्छा माना जाता है. क्योंकि आप 1000 मुर्गियों को पालते हैं तो खर्चा निकालकर सालाना 4 से 5 लाख रुपए शुद्ध रूप से आपको मुनाफा मिल सकता है. क्योंकि एक मुर्गी साल में औसतन 280 से 300 अंडे देती है. कमाई का आंकड़ा फीड और मुर्गियों के रखरखाव के साथ ही स्थानीय बाजार पर भी निर्भर करता है. ऐसे में फायदा और नुकसान बढ़ और घट सकता है.











