नई दिल्ली. देसी मुर्गी पालन में मात्र पांच हजार रुपए खर्च करके 13 हजार रुपए का मुनाफा कमाया जा सकता है. अगर आपके पास पहले से पोल्ट्री फार्म मौजूद है या बैकयार्ड में कोई ऐसी जगह जहां पर मुर्गियों को आसानी से रखा जा सकता है तो आप पांच हजार रुपए खर्च करके ही अच्छी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको 50 देसी मुर्गियों के चूजे खरीदने होंगे. आमतौर पर एक देसी चूजे का दाम 35 रुपए तक होता है. इन्हें कुछ दिनों तक पालकर बेचने पर कमाई अच्छी होती है.
अगर एक दिन के देसी चूजे का रेट 35 रुपए मान लें तो उस हिसाब से 50 चूजों को खरीदने में 1750 रुपए खर्च आएगा. जब 50 चूजें खरीदेंगे तो इसी समय उन चूजों को खिलाने के लिए लगभग 5 किलो प्री स्टार्टर दाना खरीदना होगा.
किसपर कितना आएगा खर्च
एक्सपर्ट के मुताबिक 50 किलो स्टार्टर दाना खरीदना होगा. देसी मुर्गियों के लिए जो स्टार्टर दाना आता है, वह एक बोरा 50 किलो का खरीदना होगा जो काफी होगा.
आपको बता देंगे प्री स्टार्टर दाने का प्राइस थोड़ा ज्यादा होता है. आमतौर पर यह 50 रुपए किलो तक मिलता है. 5 किलो दाना खरीदने में 250 खर्च करना होगा.
वहीं 50 किलो का स्टार्टर दाना खरीदेंगे तो उसमें 1800 रुपए का खर्च करना होगा.
वहीं वैक्सीन पर और एंटीबायोटिक पर भी खर्च होता है. जबकि विटामिन और कैल्शियम की दावाओं पर भी खर्च करना होता है. अगर पूरे खर्च को जोड़ दिया जाए तो लगभग 300 आएगा.
जबकि शुरुआती कुछ दिनों तक चूजे धान की भूसी भी खाते हैं. इस पर आपको 100 रुपए खर्च करना होगा.
शुरुआती 2 से 3 दिन धान की भूसी को न्यूजपेपर पर डाला जाता है और उसके ऊपर चूजों का रखा जाता है. जिस पर 50 खर्च आएगा.
इसके अलावा बिजली के बल्ब पर खर्च 200 आएगा. अब टोटल खर्च को अगर जोड़ दिया जाए तो यह 500 आएगा.
जब मुर्गियों का स्टार्टर फीड खत्म हो जाए तब उन्हें फ्री रेंज में छोड़ दें. जिससे मुर्गियां बाहर घास खाएंगी. कीड़े मकोड़े खाएंगी और इस तरीके से वह अपना चारा खुद जुटा लेंगी. इससे फीड पर खर्च कम हो जाएगा.
निष्कर्ष
बात बिक्री की करें तो अगर आप देसी मुर्गियों को 400 किलो में बेचते हैं और यह मान लेते हैं कि पांच मुर्गियों की मौत हो गई तो इस हिसाब से 45 मुर्गियों को बेचने पर 18 हजार रुपए मिलेंगे. पांच हजार रुपए खर्च होगा, जिसमें 13 हजार रुपए की कमाई हो सकती है.












