नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सरकार राज्य को मिल्क कैपिटल बनाना चाहती है. इसके लिए सरकार की तरफ से कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं. योजनाएं शुरू की गईं हैं, ताकि किसान पशुपालन करें और दूध का उत्पादन करके राज्य की तरक्की में सहयोग करें और अपनी भी इनकम बढ़ाएं. क्योंकि पशुपालन एक ऐसा काम है, जिससे किसानों की इनकम दोगुनी की जा सकती है. इस वजह से भी सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. किसानों को पशुपालन शुरू करने के लिए लाखों रुपए की सब्सिडी दी जा रही है.
सरकार गौवंशों के संरक्षण का भी काम कर रही है और गाय के दूध का उत्पादन भी बढ़ाना चाहती है. जिसकी वजह से गौशालाओं को सरकारी मदद दी जा रही है, ताकि गायों की देखभाल सही ढंग से की जाए. सरकार की तरफ से फैसला लिया गया है कि 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा के मौके पर गौशालाओं में खास आयोजन किया जाए. आइए जानते हैं कि इस आयोजन में क्या-क्या होगा और इसका मकसद क्या है.
ये काम करेगी सरकार
गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाएगा. गौशालाओं और पशुपालकों को आयोजन में सहभागी बनाया जाएगा.
दूध उत्पादन तथा पशुपालन में विशेष उपलब्धियां दर्ज करने और इनोवेशन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा.
प्रदेश की गौ-शालाओं में गोवर्धन पर्व का सामुदायिक आयोजन किया जाएगा. मुख्य कार्यक्रम रवीन्द्र भवन भोपाल में किया जाएगा, जिसमें गोवर्धन पूजन, परिक्रमा, अन्नकूट भोग मुख्य होगा.
पशुचारक समुदायों की कला, बरेदी और ठाट्या नृत्य आदि के प्रस्तुतीकरण के साथ ही कार्यक्रम में जैविक उत्पादक, दूध उत्पाद, गोबर आधारित शिल्प के स्टॉल लगाए जाएंगे.
पशुपालन, कृषि, सहकारिता विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी.
साथ ही ग्रामीण आजीविका के लिए दुग्ध उत्पादन और वृंदावन ग्राम योजना के विस्तार के लिए भी गतिविधियां संचालित की जाएगी.
गोवर्धन पर्व पर सभी जिलों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी. आंगनवाड़ी केंद्रों में पंचगव्य उत्पाद जैसे घी, दूध, पनीर और दही से बनी सामग्री का वितरण किया जाएगी.












