नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग के काम में मुर्गियों को बीमारियों से बचाना बेहद ही जरूरी होता है. यदि ऐसा न किया जाए तो फिर मुर्गियां बीमार पड़कर मर भी सकती हैं. इसके चलते पोल्ट्री फार्मिंग का काम एक झटके में ही बंद हो सकता है. इसलिए जरूरी एहतियात बरतना जरूरी होता है. मुर्गियों को बीमारियों से बचाने और बीमार मुर्गियों को ठीक के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का भी इस्तेमाल किया जाता है. जिससे मुर्गियां जल्दी स्वस्थ हो जाती हैं. हालांकि इसका भी अपना तरीका है कि मुर्गियों को कब कैसे एंटीबायोटिक दवाएं दी जाएंगी.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि एंटीबायोटिक दवाएं बहुत ज्यादा नहीं देना चाहिए. जब जरूरत हो तभी दी जानी चाहिए. ये महंगी भी होती हैं, इसलिए इससे पोल्ट्री फार्मिंग की लागत भी बढ़ जाती है. एंटी बायोटिक दवा का फायदा और नुकसान दोनों है. इसलिए इसे कब कितना इस्तेमाल करना है, इसकी जानकारी करना बेहद ही जरूरी है.
कब कितनी करें इस्तेमाल, जानें यहां
एक्सपर्ट कहते हैं कि आप लोग मुर्गी पालन करते हैं या फिर मुर्गी पालन करने की सोच रहे हैं तो एंटीबायोटिक दवा हर वक्त पोल्ट्री फार्म में मौजूद होनी चाहिए.
यहां इस बात का ध्यान दें कि वेटरिनरी शॉप से अच्छी क्वालिटी की एंटीबायोटिक दवा मुर्गियों के लिए खरीद कर रखना है.
यदि आसपास के किसी पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों को किसी तरह की बीमारी हुई है और आपके फॉर्म में एंटीबायोटिक दवा है तो इसके इस्तेमाल से सभी मुर्गियों को बीमारियों से बचाया जा सकता है.
वहीं अगर एंटीबायोटिक दवा मौजूद नहीं होती है तो बीमारियां मुर्गियों के उत्पादन के साथ-साथ उनकी सेहत पर भी असर करती हैं. जिससे मुर्गियों में मृत्यु दर भी दिखाई दे सकती है.
यहां इस बात कभी ध्यान रखना है कि मुर्गियों को हर वक्त एंटीबायोटिक की दवा नहीं देना है. क्योंकि इससे नुकसान भी हो सकता है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों को ज्यादा एंटीबायोटिक खिलाने की वजह से उनका वजन कम हो जाता है.
वहीं ज्यादा एंटीबायोटिक खिलाने की वजह से मुर्गियां दाना पानी भी कम खाने लगती हैं इससे उनकी हैल्थ पर असर पड़ता है.
इतना ही नहीं ज्यादा एंटीबायोटिक देने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है.
इसलिए जब जरूरत हो तभी मुर्गियों को एंटीबायोटिक देना चाहिए. बता दें कि मुर्गी बीमार होती है तब उन्हें एंटीबायोटिक दिया जा सकता है.
निष्कर्ष
या फिर बीमारियां जिस वक्त सबसे ज्यादा असर करती हैं उस समय भी हर 15 दिन में एक या दो दिन मुर्गियों को एंटीबायोटिक दे सकते हैं.












