नई दिल्ली. मुर्गी पालन की शुरुआत चूजों से की जाती है. जब मुर्गी पालन शुरू किया जाता है तो फार्म में चूजे लाकर पाले जाते हैं. जिसके बाद उन्हें फीड खिलाकर बड़ा किया जाता है. जिससे बाद में अंडों और मीट का उत्पादन मिलता है. जिससे पोल्ट्री फार्मर को अच्छी कमाई होती है. यदि आप भी पोल्ट्री फार्मिंग करने की सोच रहे हैं तो ये रिपोर्ट आपकी काफी मदद कर सकती है. क्योंकि यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे पोल्ट्री फार्मिंग में चूजों को खरीदकर मुर्गी पालन में अच्छी कमाई की जा सकती है. फिर आइए जानते हैं.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री फार्मिंग में चूजों को खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. तभी चूजों को खरीदना चाहिए. नहीं तो पोल्ट्री फार्मिंग के काम में फायदे की जगह पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. यदि आप मुनाफा कमाना चाहते हैं तो इन बातों का जनना जरूरी है.
इन बातों रखें ध्यान
मुर्गी पालन में मुर्गियों के चूजे खरीदने से पहले प्रजाति की पहचान होना बेहद जरूरी है. आपको पहले ये तय करना होगा कि अंडा उत्पादन के लिए मुर्गी पालन करना है या मांस उत्पादन करने के लिए. उसी के हिसाब से चूजों को खरीदना चाहिए.
एक्सपर्ट का कहना है कि जब आप ये तय कर लेंगे कि अंडा उत्पादन के लिए मीट उत्पादन के लिए मुर्गी पालन करना है तो उसी हिसाब से प्रजाति के चूजों को खरीदना होगा.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कुछ मुर्गियों की प्रजातियां अंडा उत्पादन के लिए अच्छी मानी जाती हैं. जिसके लिए आरआईआर, सोनाली, डबल एफ जी प्रजाति के चूजों को खरीदना चाहिए.
यदि आप मीट उत्पादन के लिए मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो जिन प्रजातियों के मुर्गों को पाला जाता है, उन्हें खरीदना चाहिए. आमतौर पर शहरों में बिकने वाले ब्रॉयलर मुर्गों को ही मीट उत्पादन के लिए पाला जाता है.
हालांकि बहुत से लोग देसी नस्ल की मुर्गे का मीट भी पसंद करते हैं. इसलिए आप देसी नस्ल के ऐसे चूजों को खरीदें जिनका मीट अच्छा होता है और जिसका दाम भी बढ़िया मिलता है.
निष्कर्ष
यदि आप प्रजाति का पहले ही चयन नहीं करते हैं और किसी भी प्रजाति के चूजें को पालते हैं तो इसे बाद में आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है. अगर आप नुकसान से बचना चाहते हैं तो सही प्रजाति का चयन पहले ही कर लें. उसके बाद ही चूजों को खरीदें.












