नई दिल्ली. मुर्गी पालन का काम वैसे तो बहुत ही अच्छा है और इससे खूब कमाई भी होती है लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि मुर्गी पालन के काम में जानकारी का अभाव बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए मुर्गी पालन तभी करें, जब इस काम की मुकम्मल जानकारी हो जाए. बिना जानकारी यानी ट्रेनिंग के बिना मुर्गी पालन करने से सिर्फ और सिर्फ नुकसान हाथ आता है. नुकसान से बचने के लिए जानकारी कर लें. इस आर्टिकल में हम आपको इसकी जानकारी देंगे.
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप चाहते हैं कि मुर्गी पालन के काम में सफल हों और फॉर्म को बंद न करना पड़े तो सबसे पहले मुर्गी पालन की ट्रेनिंग ले लें. अगर आप एक्सपर्ट से ट्रेनिंग नहीं ले पा रहे हैं तो आसपास के किसी अनुभवी मुर्गी पालक से तमाम बारीकियां के बारे में सीख लें.
क्या-क्या सीखना चाहिए
मुर्गी पालन शुरू करने से पहले मुर्गियों की नस्ल के चुनाव की जानकारी करना बेहद जरूरी है. ताकि आपको पता चल सके कि कौन सी नस्ल की मुर्गी कितना उत्पादन करती है.
इसी तरीके से मुर्गियों के लिए उनके आवास यानी पोल्ट्री फार्म को बनाना बेहद ही जरूरी होता है. आपको पता होना चाहिए की आवास किस तरह से बनाया जाए.
कम लागत में कौन सा आवास बना सकते हैं, जिससे मुर्गियों को वहां रहने में आसानी हो और उत्पादन बढ़िया मिले.
मुर्गी पालन शुरू करने के लिए पोल्ट्री फार्म के मैनेजमेंट, लागत और कमाई के बजट आदि की भी जानकारी करना चाहिए और जरूरी लाइसेंस आदि के बारे में भी समझ लेना चाहिए.
आपको एक लक्ष्य के साथ मुर्गी पालन शुरू करना चाहिए. अंडों के उत्पादन के लिए मुर्गी पालन कर रहे हैं या मीट उत्पादन के लिए उसी हिसाब से योजना बनानी चाहिए.
निष्कर्ष
आपको बता दें कि मुर्गी पालन को लेकर कई तरह की योजनाएं भी सरकार चलाती है. जिससे आप मुर्गी पालन के काम में सरकार से आर्थिक मदद लेकर अच्छी कमाई कर सकते हैं.












