नई दिल्ली. मुर्गी पालन एक अच्छा काम है और इससे खूब कमाई भी होती है लेकिन मुर्गी पालन में कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है. जब भी कभी मुर्गी पालन का काम शुरू करें तो सबसे पहले इस काम की मुकम्मल जानकारी कर लें. क्योंकि कोई भी काम शुरू करने से पहले अगर उसकी मुकम्मल जानकारी नहीं होती तो नुकसान उठाना पड़ सकता है. ठीक उसी तरीके से मुर्गी पालन में भी या नियम लागू होता है कि बिना जानकारी के या फिर ट्रेनिंग के बिना मुर्गी पालन करते हैं तो इससे नुकसान हो जाता है और फॉर्म बंद करना पड़ जाता है.
बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Animal and Fishery Resources) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि यह गलती आप बिल्कुल भी ना करें. अगर आप लोग मुर्गी पालन शुरू करना चाहते हैं तो उसके लिए नजदीकी किसी केंद्र से संपर्क करें या फिर कहीं से ट्रेनिंग लें. इसके अलावा आप यह भी कर सकते हैं कि जो अनुभवी मुर्गी पालक हैं उनसे मिलें और मुर्गी पालन की तमाम बारीकिया सीखें और उसके बाद ही मुर्गी पालन का काम शुरू करें.
इन बातों का जरूर ख्याल करें
अगर आप पहली बार मुर्गी पालन शुरू करना चाहते हैं तो जानकारी लेने के बाद ही बड़े पैमाने पर मुर्गी पालन नहीं करना चाहिए.
शुरुआत में कम मुर्गियों से ही मुर्गी पालन के काम को शुरू करें. ताकि आपको अच्छा अनुभव हो जाए. उसके बाद मुर्गियों की संख्या बढ़ा सकते हैं.
एक्सपर्ट का कहना है कि शुरू में मुर्गी पालन का जब काम शुरू करें तो 50 या 100 मुर्गियों से ही शुरू करें. फिर इससे सीखने की कोशिश करें.
मुर्गी पालन शुरू करने से पहले आपको चूजों की देखभाल, उन्नत नस्लों, उनके आहार, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैक्सीनेशन के बारे में सीखना चाहिए.
वहीं मुर्गी पालन से पहले यह सीख लेंगे कि किस तरह का फॉर्म जरूरी होता है. वहां क्या-क्या सुविधा होनी चाहिए, जैसे कि पानी बिजली आदि की तो फायदा मिलेगा.
निष्कर्ष
अगर आप इस तरह से मुर्गी पालन करते हैं तो इससे मुर्गी पालन में नुकसान होने का खतरा कम हो जाता है. मुर्गी पालन में सफल होने का चांस बढ़ जाता है.












