नई दिल्ली. पशुपालन के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से कई प्रयास किया जा रहे हैं. इन्हीं कोशिशों की कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गाय, भैंस, बकरी और भेड़ पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को आर्थिक मदद दे रही है. ताकि पशुपालन करने में उन्हें पैसों की परेशानी ना आए और पशुपालन करके वह अपनी इनकम बढ़ाएं. खास करके जिन किसानों के पास कृषि के लिए जमीन पर्याप्त नहीं है, वह अगर पशुपालन के काम में भी आगे आते हैं तो इससे उनकी आमदनी बढ़ सकती है. उनके पास आजीविका चलाने का दो जरिया उपलब्ध हो जाएगा.
सरकार का मानना है कि पशुपालन एक ऐसा काम है जिसके जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सकता है. ऐसे भी उत्तर प्रदेश देश में दूध उत्पादन करने के मामले में नंबर वन राज्य है. जबकि सरकार चाहती है कि इसे और ज्यादा बढ़ाया जाए. ताकि देशभर की दूध उत्पादन की स्थिति दुनिया भर में और ज्यादा बेहतर हो सके.
कौन सी योजनाएं चल रही हैं
बात अगर योजना की जाए तो पशुधन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की योजना चल रही है.
जो भी पशुपालक भाई अगर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं तो प्रति पशु 73 हजार की लिमिट किसान क्रेडिट कार्ड में दी जा रही है.
इसके अलावा पशुधन बीमा योजना भी सरकार चला रही है. जिसमें तकरीबन 25 परसेंट पशुपालक को बीमा धनराशि देनी होगी.
वहीं 75 फीसद तक सरकार खुद इसमें योगदान देगी. इस योजना का फायदा लेकर किसान पशुओं का बीमा करा कर भविष्य के खतरे से खुद को सेफ कर सकते हैं.
बकरी पालन के लिए एकीकृत बकरी विकास योजना भी चल रही है. गरीब बकरी पालक यानि अनुसूचित जाति के लोगों को 54 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिलती है.
वहीं मुख्यमंत्री सहभागिता योजना भी पूरे प्रदेश में चल रही है. जिसमें गोआश्रय स्थलों पर रखे गए पशुओं को अपनाने पर छह हजार महीना सरकार दे रही है.
अन्य योजना की बात की जाए तो भेड़ विकास योजना भी चल रही है. इस योजना के तहत भी डेढ़ लाख रुपए तक अनुदान सरकार की ओर दिया जा रहा है.
वहीं मिनी नंदिनी योजना भी चल रही है. जिसका भी फायदा पशुपालक भाई उठाकर पशुपालन के काम में आगे आ सकते हैं.
निष्कर्ष
यदि आप पशुपालन के काम में आगे आना चाहते हैं तो इन योजनाओं का फायदा उठाएं. ताकि पशुपालन करके खुद की इनकम को बढ़ा सकें. क्योंकि इससे दूध, मीट उत्पादन करके और बेचकर बढ़िया कमाई करने का एक अच्छा मौका मिलेगा.











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