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Animal Husbandry: सेक्स्ड सॉरटेड सीमन के क्या-क्या हैं फायदे, यहां इस्तेमाल में सावधानी के बारे में भी पढ़ें

गर्मियों में पशु बहुत जल्द बीमार होते हैं. अगर ठीक से इनकी देखरेख कर ली जाए तो हम पशुओं को बीमार होने से बचा सकते हैं.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. सेक्सड सॉरटेड सीमन के उपयोग के कई फायदे हैं. अगर इसके मोटे—मोटे फायदों की बात की जाए तो इसमें सबसे पहले केवल 90 प्रतिशत से अधिक बछियों का जन्म कराया जाता है इसे गिना जाएगा. बछियों की संख्या अधिक होने से दूध के उत्पादन में इजाफा होगा और पशुपालकों को फायदा होगा. वहीं बछडों के लालन-पालन में अनावश्यक व्यय की बचत होती है. ज्यादा संख्या में दूध देने वाली गायों व भैंसों की उपलब्धता होती है और इसके अलावा बाहर से गाय न खरीदने के कारण बीमारियों की रोकथाम से भी बचाव होता है. इसके अलावा इस सिटम में कुछ बातों का ध्यान भी दिया जाना चाहिए, आइए इसी के बारे में जानते हैं.

सेक्सड सॉरटेड सीमन का उपयोग केवल बछियों में करें या फिर ऐसी गायों एवं भैंसों में करें जिनका गर्भधारण का रिकार्ड काफी अच्छा हो. यदि आवश्यकता हो तो, बछियों में अधिकतम सिर्फ दो बार, व गायों एवं भैंसों में अधिकतम सिर्फ एक बार ही इसका उपयोग किया जाना
चाहिए.

इतनी देर के बाद करें कृत्रिम गर्भाधान
एक्सपर्ट कहते हैं कि सेक्सड सॉरटेड सीमन में स्पर्म का जीवनकाल बहुत ही कम होता है. इसलिए यह जरूरी है कि उससे कृत्रिम गर्भाधान, गायों एवं भैंसों के गर्मी के लक्षणों के उच्चतम स्तर पर ही किया जाए. इसका मतलब ये है कि सामान्य स्पर्म से किये जाने वाले कृत्रिम गर्भाधान के 4-8 घंटे पश्चात गायों एवं भैंसों के गर्मी के उचित लक्षण दिखाने के लगभग 18 घंटे के बाद ही कृत्रिम गर्भाधान किया जाना चाहिए. सेक्सड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान उन्हीं गायों एवं भैंसों में किया जाना चाहिए जिसमें गर्मी के लक्षण बहुत साफ दिखाई दे रहे हो.

गर्मी में आए पशु पर करें इस्तेमाल
सेक्सड सॉरटेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान ऐसी गायों एवं भैंसों में नहीं किया जाना चाहिए. जिनमें दो या तीन बार कृत्रिम गर्भाधान करने पर भी गर्भधारण न हो पाया हो या जिसमें प्रजनन संबंधी कोई विकार पहले से ही उपस्थित हो. सेक्सड सॉरटेड सीमन का उपयोग केवल पहले से ही चल रहे कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के माध्यम से व एक प्रशिक्षित, कुशल व अनुभवी कार्यकर्ता द्वारा ही किया जाना चाहिए. सेक्सड सॉरटेड सीमन का उपयोग ऐसी बछियों में करें जो प्राकृतिक रुप से गर्मी में आयी हो कृत्रिम रुप से गर्मी में लायी गयी बछियों में यह सामान्य से कम प्रभावकारी है. सेक्सड सॉरटेड सीमन का उपयोग ऐसी बछियों में किया जाना चाहिए जिनकी प्रसव के समय आयु नस्ल अनुसार उचित हो.

साफ-सफाई का रखना चाहिए ख्याल
सेक्सड सॉरटेड सीमन का उपयोग ऐसे पशुओं में किया जाना चाहिए जो शारीरिक रुप से स्वस्थ हों, जिनको अच्छे प्रबंधन में पाला जा रहा हो यानि जहां उचित खानपान, आवास व स्वच्छता का ख्याल रखा जाता हो. जहां दुधारू गायों एवं भैंसों पर इसका उपयोग किया जाने की आवश्यकता हो, वहां ऐसी गायों एवं भैंसों का चयन किया जाए जिनकी उच्च गर्भधारण दर हो व जिनका शरीर हष्ट-पुष्ट हो व दूध देने की क्षमता अधिक हो. सेक्सड सॉरटेड सीमन का उपयोग ऐसे स्थानों पर सर्वश्रेष्ठ परिणाम देता है जहां पर गायों एवं भैंसों में गर्मी के लक्षण मापने का कोई तंत्र कार्य कर रहा हो.

Written by
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