Home डेयरी Dairy Animal: 20 से 25 लीटर दूध देने वाली मुर्रा भैंस की क्या है पहचान, जानें यहां
डेयरी

Dairy Animal: 20 से 25 लीटर दूध देने वाली मुर्रा भैंस की क्या है पहचान, जानें यहां

murrah buffalo livestock
प्रतीकात्मक फोटो:

नई दिल्ली. पशुपालन में पशुओं की खरीद करते समय ऐसे पशु को खरीदना चाहिए, जिसका दूध उत्पादन ज्यादा है. कई बार पशुपालक पशु बेचने वालों के धोखे में आ जाते हैं और ऐसा पशु खरीद लेते हैं, जिनका दूध उत्पादन बेहद ही कम है. इससे उन्हें डेयरी फार्मिंग में नुकसान होने लगता है. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि जो पशु ज्यादा दूध देता है, उसकी भी कुछ पहचान होती है. लंबे समय से पशुपालन करने वाले पशुपालक इस बात को पहचान लेते हैं. अगर आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है तो हम यहां बताने जा रहे हैं कि जिससे आप पशु की पहचान कर पाएंगे कि वह ज्यादा दूध देने वाला है या नहीं.

आमतौर पर डेयरी फार्मिंग में भैंस को ज्यादा पाला जाता है. क्योंकि भैंस ज्यादा दूध देती है और बहुत से लोग भैंस का दूध ज्यादा पीते भी हैं. इस वजह से भैंस को डेयरी फार्मिंग में ज्यादा फायदा पहुंचाने वाला माना जाता है. भैंसों की तमाम प्रजातियों में मुर्रा नस्ल की भैंस ज्यादा दूध देने के मामले में आगे है. अगर आप भी मुर्रा नस्ल की भैंस को पालना चाहते हैं और चाहते हैं कि डेयरी फार्मिंग में ज्यादा फायदा हो तो जान लें कि ज्यादा दूध देने वाली भैंस की क्या पहचान होती है. अगर आपको पहचान करना नहीं आएगा तो फिर हो सकता है कि आप कम दूध देने वाली भैंस को खरीद लाएं. जिससे आपको नुकसान हो सकता है.

क्या है प्योर मुर्रा नस्ल की भैंस की पहचान
एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि सबसे जरूरी यह है कि आडर की क्वालिटी बेहतर होनी चाहिए. आडर में ये देखा जाता है कि जिस जगह से दूध निकलता है वह कैसा है. ये सभी एक तय दूरी पर होना चाहिए. जबकि ज्यादा दूध देने वाली मुर्रा भैंस का थोड़ा दूरी पर होता है. ज्यादा दूध देने वाली मुर्रा नस्ल की भैंस की पूंछ भी पतली होती है. इसलिए पता चलता है कि यह भैंस प्योर मुर्रा नस्ल की है और उसकी चमड़ी भी बेहद पतली होती है. अगर इस तरह की चीज किसी मुर्रा नस्ल में मिलती है तो वो भैंस 20 से 25 लीटर प्रतिदिन दूध दे सकती है. हालांकि इसके खानपान पर भी काफी चीजें निर्भर करती है.

ज्यादा दूध देने वाली भैंस को क्या खिलाएं
25 लीटर दूध देने वाली मुर्रा नस्ल की भैंस को खाने में खल और चूनी देना बेहतर होता है. बहुत से पशुपालक ज्यादा दूध उत्पादन के लिए पशु को सेब भी खिलते हैं. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि जब भी पशु को खरीदा जाए तो इस बात का भी ध्यान दिया जाए कि अगर अच्छी क्वालिटी की एक भैंस को भी खरीद लिया जाए तो दो खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसलिए दो खरीदने से अच्छा है एक ही खरीद ली जाए. इसके बाद अगर पशु बछड़ी को जन्म दे और उसे तैयार करने की बात आए तो 3 महीने तक उसे दूध पिलाना चाहिए. उसकी सही तरह से देखभाल किया तो डेढ़ साल में वह तैयार हो जाती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy: एमपी में उन्नत नस्ल की गाय-भैंस के जरिए किसानों की बढ़ेगी इनकम

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश में डेवरी और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

Dairy: देश में 8 करोड़ परिवार डेयरी सेक्टर पर हैं आश्रित, दूध, घी, मक्खन, दही, चीज, खोया ने बदली तस्वीर

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह...

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
डेयरी

Dairy: डेयरी फार्मिंग का अपनाएं स्मार्ट तरीका, कमाई कई गुना बढ़ जाएगी

नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले पशुपालक भाई हमेशा इस कोशिश में रहते...