Home पशुपालन Buffalo Fodder: क्या हो भैंस के चारा खाने का वक्त, कैसी हो खुराक, पढ़ें बफैलो रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट
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Buffalo Fodder: क्या हो भैंस के चारा खाने का वक्त, कैसी हो खुराक, पढ़ें बफैलो रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट

दुधारू पशु ब्याने के संकेत देते हैं. गर्भनाल जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद होता है.
भैंस की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. कहते हैं कि अति हर चीज की बुरी होती है. फिर वो चाहें खानपान से जुड़ी हुई ही क्यों ना हो. बात अगर पशुओं के खानपान की करें तो वहां भी ये बात लागू होती है. कुछ लोगों का मानना होता है कि पशुओं को तो कुछ भी खिला दो उन्हें सब हजम हो जाता है. इसी के चलते बहुत सारे लोग सूखा चारा और दाने के मुकाबले हर वक्त हरा चारा ज्यादा खिलाते हैं. हालांकि ऐसा मानना और करना एकदम गलत है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि तय मानक से ज्यादा हरा चारा खिलाना भी पशुओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

यही वजह है कि सेंट्रल इंस्टी्ट्यूट ऑफ बफैलो रिसर्च सेंटर (सीआईआरबी), हिसार, हरियाणा ने अपनी एक रिसर्च में भैंसों के लिए दोनों तरह के चारे और दाने का महत्व बताया है. इतना ही नहीं भैंसों को कब, कितना चारा और दाना खिलाया जाना चाहिए ये बात भी बहुत ही आसान भाषा में बताई है. सीआईआरबी की उसी रिसर्च के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

ऐसा होना चाहिए भैंसों का चारा और दाना
भैंसों की खुराक संतुलित होनी चाहिए.
भैंस की खुराक में शामिल दाना मिक्सचर में प्रोटीन, ऊर्जा के स्रोत और मिनरल मिक्सचर वाला होना चाहिए.
भैंस की खुराक स्वादिष्ट और पौष्टिक होनी चाहिए.
पशु की खुराक में बदबू नहीं आनी चाहिए.
भैंस के दाना मिश्रण में ज्यालदा से ज्या दा तरह के दाने और खल को शामिल करना चाहिये.
ज्यादा दाने और खल होने से मिक्सचर की क्वालिटी और स्वाद दोनों में बढ़ोतरी होती है.
भैंस की खुराक ऐसी होनी चाहिए जो कब्ज‍ और दस्त करने वाली ना हो.
भैंस का पेट काफी बड़ा होता है इसलिए उसे भरपेट चारा खिलाना चाहिए.
पेट पूरा भरने पर ही भैंस को संतुष्टि मिलती है.
पेट अगर खाली रह जाए तो भैंस मिट्टी, चिथड़े और दूसरी गन्दी चीजें खाना शुरू कर देती है.
भैंस की उम्र के हिसाब से उसकी खुराक तय करनी चाहिए.
भैंस की खुराक को अचानक नहीं बदलना चाहिए.
अगर भैंस को कोई नई चीज खिलानी हो तो पहले वाले आहार के साथ मिलाकर धीरे-धीरे बदलाव करें.
भैंस को चारा खिलाने का वक्त तय करके रखें. उस वक्त में बार-बार बदलाव न करें.
भैंस को चारा खिलाने का समय ऐसा रखें जिससे भैंस ज्यादा वक्त तक भूखी न रहे.

अच्छी तरह पीसना चाहिए दाना मिक्सचर
भैंस की खुराक में शामिल दाना मिक्सचर को अच्छी तरह से पीसना चाहिए. अगर साबुत दाना या उसके कण भैंस के गोबर में दिखाई दें तो समझ जाएं कि दाना मिक्सचर ठीक प्रकार से पिसा नहीं है. खराब तरह से पिसा दाना मिक्सचर भैंस को पचता भी नहीं है. लेकिन दाना मिक्सचर बहुत बारीक भी न पिसा हो. खिलाने से पहले दाना मिक्सचर को भिगोने से वह स्वादिष्ट और पाचक हो जाता है.

ऐसे खिलाएं चारा और दाना मिक्सचर
सीआईआरबी के साइंटिस्ट की मानें तो दाना मिक्सचर को चारे के साथ अच्छी तरह मिलाकर खिलाने से कम गुणवत्ता और कम स्वाद वाले चारे की भी खपत बढ़ जाती है. इसके कारण चारे की बरबादी भी नहीं होती है. क्योंकि भैंस चुन-चुन कर खाने की आदत के कारण बहुत सारा चारा बरबाद करती है.

Written by
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