दिल्ली. ठंड का मौसम शुरू होते ही मुर्गियां सुस्त पड़ जाती हैं और ठंड के मौसम में मुर्गियों में बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप मुर्गी पालन कर रहे हैं तो नुकसान का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बेहद जरूरी है कि ऐसे तरीकों को अपनाएं जिससे मुर्गियां ठंड में बीमार होने से बच जाएं. उनका उत्पादन भी बेहतर मिलता रहे. क्योंकि ठंड में उत्पादन पर भी बहुत ज्यादा असर आता है. जिसके चलते भी नुकसान उठाना पड़ जाता है. बीमारी और कम उत्पादन से बचाने का उपाय करना बेहद ही जरूरी है.
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि कैसे ठंड में मुर्गियों को ठंड से बचाया जा सकता है और उनके करीब बीमारियां नहीं आती हैं. इससे मुर्गी पालन के काम में पोल्ट्री फार्मर को नुकसान नहीं होता है. आइए इस बारे में जानते हैं.
पोल्ट्री फार्मिंग में क्या करना है
एक्सपर्ट के मुताबिक सही शेल्टर प्रबंधन बेहद जरूरी है. क्योंकि ठंड के मौसम में टेंपरेचर डाउन हो जाता है और रात के समय में और ज्यादा ठंड बढ़ जाती है.
इस वजह से खासकर रात के समय में मुर्गी के फॉर्म में ऐसी व्यवस्था करना चाहिए, जिससे पोल्ट्री फार्म गर्म रहे.
मुर्गी फार्म को गर्म रखने के लिए हीट देने वाले जो भी बल्ब होते हैं, उसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
इसके अलावा शाम होते ही पोल्ट्री फार्म की दीवार पर्दे से या तिरपाल से अच्छी तरह से ढक देना चाहिए. ताकि ठंडी हवा फॉर्म के अंदर ना सके.
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप देसी मुर्गियों का पालन करते हैं तो उन मुर्गियों को ऊपर बैठने के लिए अंदर बांस या लकड़ी आदि लगाना चाहिए.
मुर्गियों को ऊपर बैठना अच्छा लगता है और साथ-साथ ठंड के मौसम में बिछावन ठंडा होता है. इसलिए मुर्गियां खुद को ठंड से बचाने के लिए बांस वगैहर के ऊपर रहती हैं.
निष्कर्ष
इस तरह का इंतजाम यदि आप ठंड में करते हैं तो मुर्गियों को ठंड और ठंड से होने वाली बीमारियों से बचा पाएंगे. नतीजे में आपको मुर्गी पालन के काम में नुकसान नहीं उठाना होगा.










