Home पशुपालन Yogi Government: गोपालकों को 1500 महीने दे रही सरकार, 16 लाख बेसहारा गोवंशों को दिया आसरा
पशुपालन

Yogi Government: गोपालकों को 1500 महीने दे रही सरकार, 16 लाख बेसहारा गोवंशों को दिया आसरा

कुल 14 करोड़ 50 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया, जिसमें लंपी रोग से बचाव के लिए 1 करोड़ 92 लाख पशुओं को वैक्सीन दी गई.
सीएम की गाय के साथ तस्वीर।

नई दिल्ली. यूपी में पिछले आठ सालों में गोवंशों के लिए योगी सरकार ने काफी प्रयास किए हैं. योगी स्वयं गोपालक हैं और गोवंश से उनका लगाव जगजाहिर है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद गोवंश संरक्षण को अपनी सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर स्थान दिया है. पिछले आठ वर्षों में गो-संरक्षण की दिशा में किए गए उनके प्रयासों ने प्रदेश को एक नई पहचान दी है. राज्य में 7713 गोआश्रय स्थलों की स्थापना करते हुए 16,09,557 बेसहारा गोवंश को संरक्षित किया गया है. यह आंकड़ा गोमाता के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 2,37,369 गोवंश इच्छुक किसानों और पशुपालकों को सौंपे गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिला है. योगी आदित्यनाथ की सरकार पशुपालकों और किसानों के लिए प्रोत्साहन की योजनाएं चला रही है, जिसमें गोवंश पालकों को पंद्रह सौ रुपये महीने तक दिए जा रहे हैं.

पूरे देश में योगी सरकार के गो-संरक्षण मॉडल की चर्चा हो रही है. सबका साथ−सबका विकास के मंत्र के साथ कार्य कर रही प्रदेश की योगी सरकार में पशुओं को लेकर भी अत्यधिक संवेदनशीलता देखने को मिली है. गोवंश संरक्षण के साथ ही इनके स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया है. इसके अंतर्गत कुल 14 करोड़ 50 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया, जिसमें लंपी रोग से बचाव के लिए 1 करोड़ 92 लाख पशुओं को वैक्सीन दी गई. इसके अतिरिक्त, निःशुल्क पशु चिकित्सा सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1962 प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है. यह पहल पशुपालकों के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे उनके पशुधन की सुरक्षा और उत्पादकता में वृद्धि हुई है.

पशुपालकों और किसानों के लिए सरकार चला रही प्रोत्साहन योजनाएं: गोवंश के लिए योगी सरकार ने समाज को भी इस अभियान का हिस्सा बनाते हुए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है. मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना और स्वदेशी गौवंश संवर्धन योजना ने पशुपालकों को नई राह दिखाई है. वहीं नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत डेयरी स्थापना के लिए योगी सरकार 50 प्रतिशत का अनुदान दे रही है. डीबीटी के माध्यम से गोआश्रय स्थलों को प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन की दर से 1500 रुपए मासिक धनराशि दी जा रही है. इन योजनाओं से पशुपालक परिवारों की आय में वृद्धि हुई और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है. योगी सरकार के ये प्रयास गोवंश संरक्षण और दुग्ध उद्योग के विकास में एक सुनहरे अध्याय की शुरुआत हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

murrah buffalo livestock
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Scheme: नस्ल सुधार के लिए सरकार की मदद से ले सकते हैं मुर्रा नस्ल का सांड

नई दिल्ली. भैंसों की तमाम नस्ल में मुर्रा नस्ल ज्यादा दूध उत्पादन...

कीड़े बकरे के पेट में हो जाएं तो उसकी ग्रोथ रुकना तय है.
पशुपालन

Animal Husbandry: कान में टैग लगाने और सींग हटाने से भी बकरियों हो सकता टिटनेस

नई दिल्ली. जब इंसानों को कोई तकलीफ होती है तो वो अपनी...

पशुपालन

IIRF रैंकिंग में वैट यूनिवर्सिटी भारत की दूसरी सबसे अच्छी स्टेट वेटनरी यूनिवर्सिटी बनी

नई दिल्ली. लुधियाना स्थित गुरु अंगद देव वेटनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी...