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Poultry Farming Benefits: गांव में करना चाहते हैं पोल्ट्री फार्मिंग तो होंगे ये 5 बड़े फायदे, पढ़ें डिटेल

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प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. ग्रामीण पोल्ट्री फार्मिंग वेस्ट नेचुरल फूड के आधार पर होती है. इसमें रसोई वेस्ट फूड, गिरे हुए अनाज, कीड़े, कृमि, कोमल पत्तियां आदि का इस्तेमाल मुर्गियां करती हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक घर-आंगन पोल्ट्री फार्मिंग में रिसाइकलिंग कर बेहद ही पौष्टिक अंडे और पोल्ट्री मांस के रूप में इंसानों के लिए आहार तैयार किया जाता है. प्रोटीन कुपोषण को कम करने और ग्रामीण आदिवासी क्षेत्रों में अंडे और मांस की आपूर्ति की जाती है. इससे कुपोषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है. वहीं अंडे को प्रोटीन का सबसे सस्ते सोर्स माना जाता है.

एक्सपर्ट का कहना है कि रूरल ​एरिया में पोल्ट्री फार्मिंग करने के कई फायदे हैं. अगर आप भी अपना बिजनेस गांव में शुरू करना चाहते हैं तो पोल्ट्री फार्मिंग कर सकते हैं. इससे अच्छी खासी इनकम हासिल की जा सकती है. आइए 6 प्वाइंट में जानते हैं कि पोल्ट्री फार्मिंग करने के क्या—क्या फायदे हैं.

  1. ग्रामीण लोग जो खाते हैं उसमें आमतौर पर प्रोटीन में कमी होती है. ग्रामीण कुक्कुट पालन के जरिए अंडे और पोल्ट्री मांस के रूप में आसानी से पचने वाली प्रोटीन की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है. ग्रामीण पोल्ट्री फार्मिंग से अंडे और पोल्ट्री मांस के प्रोडक्शन को बढ़ा कर गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और बढ़ते बच्चों में प्रोटीन कुपोषण को कम किया जा सकता है.
  2. ग्रामीण कुक्कुट पालन का मकसद घर-आंगन में मौजूद गैर जरूरी वेस्ट, नेचुरल खाद जिसमें कीड़े, चर्चीटियां, गिरने वाले अनाज, हरी घास, रसोई वेस्ट इत्यादि हैं इसको पौष्टिक अंडे और पोल्ट्री मांस में परिवर्तित करना है, जो मानव उपभोग के लिए बेहद ही पौष्टिक खाद्य सोर्स के रूप में परफेक्ट है.
  3. ग्रामीण मुर्गी पालन मूल रूप से घर-आंगन/ मुक्त क्षेत्र परिस्थितियों में ही पाला जाता है और इसमें एंटीग्रेटेड पोल्ट्री फार्मिंग प्रणाली की अपेक्षा मुर्गी घनत्व काफी कम होता है जिससे फॉस्फोरस और नाइट्रोजन उत्सर्जन भी काफी कम होता है और इस तरह पर्यावरण प्रदूषण प्रति कुक्कुट उत्पाद इकाई भी कम होती है.
  4. ग्रामीण कुक्कुट पालन अन्य कृषि संचालन के साथ आसानी से किया जा सकता है. ये कुक्कुट खेतों में उपलब्ध अनाज और कीड़ों का उपयोग करते हैं जबकि इन पक्षियों 15 मुर्गियों से हर दिन 1-1.2 किग्रा खाद का प्रोडक्शन होता है जो कार्बनिक खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरता बढाने के काम आता है.
  5. एकीकृत पोल्ट्री फार्मिंग के प्रोडक्ट (अंडे और मांस) की तुलना में ग्रामीण कुक्कुट पालन / मुक्त क्षेत्र परिस्थितियों से प्राप्त पोल्ट्री प्रोडक्ट ज्यादा मिलता है. इसके अलावा पशु कल्याण और नैतिकता के बारे में उपभोक्ता जागरुकता के कारण, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में मुक्त क्षेत्र परिस्थितियों में पाले जाने वाली मुर्गियों उत्पादों के लिए प्राथमिकता बढ़ गई है.
Written by
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