नई दिल्ली. मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 से देश में मात्स्यिकी और जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि (FIDF) को चलाया जा रहा है. जिसका कुल कोष आकार 7,522.48 करोड़ रुपये है. इस निधि का उद्देश्य देश में मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि अवसंरचना को बनाना और मजबूत करना है. FIDF के तहत अन्य बातों के साथ-साथ पात्र संस्थाओं (Eligible Entities-EEs), जिनमें राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश, राज्य स्तरीय संस्थाएं तथा अन्य हितधारक शामिल हैं. इनकी पहचान कर मत्स्य अवसंरचना सुविधाओं के विकास के लिए रियायती वित्तपोषण उपलब्ध कराया जाता है.
इस योजना के तहत, मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार द्वारा नोडल लोन प्रदाता संस्थाओं (Nodal Loaning Entities-NLEs) के माध्यम से न्यूनतम 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराए जाने वाले रियायती लोन पर अधिकतम 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष तक ब्याज अनुदान (Interest Subvention) प्रदान किया जाता है.
228 प्रस्तावों को दिया मंजूर
FIDF योजना के तहत अब तक मत्स्य पालन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कुल 5 हजार 559.54 करोड़ रुपये की लागत से 228 प्रस्तावों व परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है.
जिसमें ब्याज अनुदान के लिए परियोजना लागत को 4 हजाार 351.86 करोड़ रुपये तक सीमित रखा गया है.
मध्य प्रदेश राज्य के लिए FIDF के अंतर्गत 5.00 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्रसार केंद्र (State-of-the-Art Technology Diffusion Centre) की स्थापना के लिए एक परियोजना की शुरुआत की है.
साथ ही निजी उद्यमियों की 4 अन्य परियोजनाओं को 1.90 करोड़ रुपये की कुल लागत से स्वीकृति प्रदान की गई है.
FIDF के तहत सृजित मत्स्य अवसंरचना के बाद उत्पादन हानियों में कमी लाने, मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करने, मूल्य संवर्धन एवं विपणन दक्षता में सुधार करने तथा मत्स्य मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने में सहायता मिल रही है.
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा FIDF तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) जैसी प्रमुख योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य के विभिन्न हितधारकों, जिनमें मछुआरे एवं मत्स्य पालक शामिल हैं, के बीच कई पहल की गई हैं.
मध्य प्रदेश सरकार ने यह भी सूचित किया है कि रतलाम लोकसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत 26.43 हेक्टेयर नए तालाब क्षेत्र का विकास, 3 फिन-फिश हैचरी, 4 फीड मिल तथा 2 आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की गई है.
निष्कर्ष
असल में सरकार मछली पालन को बढ़ावा देना चाहती है ताकि मछली पालन को करके किसानों की इनकम बढ़ सके. इसलिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं.












