नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में पशु ज्यादा दूध का उत्पादन करे, ये बेहद ही जरूरी है. इसके लिए पशुपालक भाई पशुओं को भरपूर तरीके से खिलाते-पिलाते हैं और उनका अच्छे ढंग से ख्याल भी रखते हैं. हालांकि कई बार कुछ गलती भी कर जाते हैं, जो उनके पशु के लिए नुकसानदायक होता है. इसलिए कभी भी पशु को कुछ भी खिलाएं तो हमेशा ही पशु चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें. ताकि पशु को नुकसान न हो. क्योंकि पशु सही रहेगा तभी आपको डेयरी फार्मिंग में फायदा होगा.
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि अक्सर ऐसा होता है कि गाय पालने वाले पशुपालक गायों को लिक्विड कैलेश्यिम देते हैं लेकिन इसे कैसे देना है इसका तरीका उन्हें नहीं पता होता है. जिसके नतीजे में फायदे की जगह नुकसान हो जाता है. एक्स्पर्ट कहते हैं कि लिक्विड कैल्शियम कब दिया जाना चाहिए, कितना देना चााहिए इन सब बातों की जानकारी होना बेहद ही जरूरी है.
गायों को LIQUID CALCIUM देना सही है या गलत
एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक पशुपालक ध्यान रखें कि लिक्विड कैल्शियम दूध देने चाली गायों को देने से कैल्शियम की कमी पूरी हो जाती है.
वहीं लिक्विड कैल्शियम देने से पशुओं में मिल्क फीवर की समस्या नहीं आती है. इसलिए भी इसे दिया जाता है.
पशु अगर कमजोर है तो कई बार कैल्शियम की कमी की वजह से ऐसा होता है. आप अगर लिक्विड कैल्शियम देते हैं तो कमजोरी भी दूर होती है.
हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए भी लिक्विड कैल्शियम दिया जाता है.
इसको देने के तरीके की बात की जाए तो पशु को ब्याने के बाद देना चाहिए.
ज्यादा दूध देने वाली गायों को दिया जा सकता है. कमजोरी होने पर भी दिया जा सकता है लेकिन पशु चिकित्सक की सलाह जरूरी है.
जरूरत से ज्यादा कैल्शियम देने से नुकसान भी होता है. हमेशा सही मात्रा में ही इसे देना चाहिए.
विटामिन डी3 और मिनरल बैलेंस भी जरूरी होता है. सिर्फ कैल्शियम से दूध नहीं बढ़ता है.
इस बात को जान लिक्विड कैल्शियम को लगातार पशु चिकित्सा की सलाह के बिना इस्तेमाल न करें.
ज्यादा कैल्शियम देने से बॉडी का बैलेंस बिगड़ सकता है. भूख कम हो जाती है. पाचन भी गड़बड़ा सकता है. मिनरल का बैलेंस भी बिगड़ जाता है. इससे किडनी पर भी ज्यादा दबाव पड़ता है.
निष्कर्ष
सही आहार, साफ पानी, संतुलित मिनरल मिक्सचर, विटामिन और समय-समय पर डॉक्टर की सलाह से ही गाय अधिक दूध देगी और हैल्दी रहेगी.











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