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Fish Farming In Bihar: बिहार में मछली पालन से बढ़ावा देकर पलायन रोकेगी बिहार सरकार

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
तालाब में पाली गई मछली की तस्वीर.

नई दिल्ली. बिहार में मछली पालन और जल कृषि की असीम संभावना है. इस भरोसे के साथ डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग मंत्री नंदकिशोर राम ने पिछले दिनों दावा किया कि उनका विभाग गांवों में पहुंचेगा और पलायन रोक देगा. वे मीठापुर स्थित नवनिर्मित मत्स्य विकास भवन में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कान्क्लेव को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बताया कि बिहार मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के नजदीक है. अभी राज्य से 89.62 हजार टन मछली देश के प्रमुख शहरों में भेजी जा रही है.

कान्क्लेव में मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य विपणन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में चिह्नित तीन प्रखंडों और सात पंचायतों में आधुनिक मत्स्य बाजारों का निर्माण किया जा रहा है. किसानों की तरह मछली पालकों को भी रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रयास चल रहा है. अब तो राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ भी हो चुका है, जिसके जरिये मछली उत्पादन को बढ़ावा मिलना तय है.

एक्सपोर्ट बढ़ाने पर भी है जोर
विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि मछली के निर्यात को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें प्रोसेसिंग प्लांट, फिश फीड मिल और आरएएस या बायोफ्लाक आदि हैं.

कहा कि जब तक उत्पादन सरप्लस नहीं होगा, तब तक दूसरे राज्यों को निर्यात नहीं कर सकते. कान्क्लेव में डा. विजय कुमार बेहरा और तुषार सिंगला आदि सम्मिलित रहे.

वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल मछली उत्पादन 9.69 लाख टन था, जो बढ़कर 2025-26 में 10.28 लाख टन हो गया है.

17,990 हेक्टेयर में नए जल क्षेत्र का सृजन, 2,721 हेक्टेयर चौर भूमि में आधुनिक तालाबों का निर्माण और 5,264 ट्यूबवेल लगाए गए हैं.

233 मत्स्य बीज हैचरी बनाई गई है. इनसे बिहार की लगभग 70 प्रतिशत मत्स्य बीज की आवश्यकता की पूर्ति हो रही.

इसका परिणाम है कि 2025-26 में 2,753.45 मिलियन मत्स्य बीज का वार्षिक उत्पादन हुआ.

राज्य में स्थापित 89 फिश फीड मिलों से 50 हजार टन मछली आहार का उत्पादन राज्य के अंदर ही होने लगा है.

मछली बाजारों में स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अब तक 6,449 वाहन एवं 12, 172 मत्स्य विपणन किट का वितरण हो चुका है.

निष्कर्ष
गौरतलब है सरकार चाहती है कि मछली पालन को बढ़ावा देकर भी किसानों इनकम को बढ़ाया जाए. इस दिशा में ये एक मजबूत कदम माना जा रहा है.

Written by
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