नई दिल्ली. गुजरात के बनासकांठा के विंछीवाड़ी में 100 MTPD क्षमता वाले गोबर-आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट के उद्घाटन के मौके पर, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रोजेक्ट मवेशियों के गोबर को कचरे से बदलकर डेयरी किसानों के लिए एक कीमती संसाधन बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने हा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गोबर कचरा नहीं है’ वाले विजन और गोवर्धन (GOBARdhan) मिशन से प्रेरित होकर, उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी पर आधारित यह प्लांट किसानों के लिए आय के नए अवसर पैदा कर सकता है.
कहा कि ये डेयरी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम कर सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सर्कुलर (चक्रीय) बनाने में मदद कर सकता है. NDDB की तकनीकी सलाह, NDDB चेयरमैन के नेतृत्व और सुज़ुकी के सहयोग से, यह पहल डेयरी किसानों, टेक्नोलॉजी और पर्यावरण की स्थिरता को एक साथ लाती है, जिससे गोबर को साफ़ ऊर्जा, जैविक खाद और खेती करने वाले समुदायों के लिए ज़्यादा मूल्यवान चीज़ों में बदला जा रहा है.
गुजरात का सहकारी मॉडल बना और मजबूत
गुजरात सरकार में कृषि और किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन, गो-प्रजनन, मत्स्य पालन और प्रोटोकॉल मामलों के कैबिनेट मंत्री जीतू वाघाणी ने बनास बायो-CNG मॉडल को ‘गोबर से गौरव’ के विज़न को आगे बढ़ाने वाली एक नई सहकारी क्रांति बताया.
उन्होंने कहा कि बनास डेयरी, सुज़ुकी और NDDB का सहयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर रहा है, किसानों की आय बढ़ा रहा है.
डेयरी खेती में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है और रोज़गार के नए अवसर पैदा कर रहा है, जिससे गुजरात का सहकारी मॉडल और ज्यादा आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार हो रहा है.
सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन के प्रेसिडेंट और CEO तोशिहिरो सुज़ुकी ने इस मौके पर मौजूद रहने पर खुशी जहिर की.
पिछले साल दिसंबर में हुए पहले चरण के उद्घाटन के समय केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी को याद करते हुए – जब ऐसे 1,000 प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया था.
उन्होंने बताया कि भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों ने और बायोगैस प्लांट लगाने की योजनाओं के साथ इस विजन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया है.
2020 में दामा प्लांट से लेकर 2023 में NDDB, सुज़ुकी और बनास के बीच जापान में हुए समझौते तक की साझेदारी का जिक्र किया.
साथ ही उन्होंने कहा कि यह सहयोग सिर्फ दो सालों में काफी बढ़ा है, जो इसकी मजबूती और तेजी को दिखाता है.











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