नई दिल्ली. जून का महीना खत्म होने को है लेकिन गर्मी से अभी भी सुकून नहीं मिला है. हालांकि आने वाले समय में बारिश होगी तो गर्मी से न सिर्फ आम इंसानों को बल्कि पशु-पक्षियों को भी आराम पहुंचेगा. गर्मी के बाद बारिश का महीना जहां पशुओं को गर्मी से राहत भी दिलाता है तो वहीं इस दौरान कई बीमारियों का भी खतरा होता है, जिससे वक्त पर संभलने की जरूरत होती है. बारिश के दौरान एक और चीज का खतरा होता है, जिसे आकाशीय बिजली कहा जाता है. इसके चलते हर साल हजारों की पशुओं की जान चली जाती है.
बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के एक्सपर्ट ने बताया कि आकाशीय बिजली बेहद ही खतरनाक होती है और इससे पशुओं को बचाना बहुत जरूरी होता है, नहीं तो एक बार में हजारों का नुकसान हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि आकाशीय बिजली से पशुओं को बचाने का उपाय कर लिया जाए.
क्या करना है जानें यहां
इसके लिए धातु के कृषि उपकरणों और बिजली से चलने वाली मशीनों से पशु को दूर रखें.
पशुओं को सुरक्षित पशुशाला (शेड) में रखें.
बिजली के तारों, खंभों या विद्युत उपकरणों के पास न रखें.
पशुओं को खुले मैदान या ऊँचे एवं एकल पेड़ों के नीचे न बांधे.
पशुओं को पशु शेड में रखना चाहिए.
आसमानी बिजली के झटके से घायल होने पर पीड़ित पशु की चिकित्सा के लिए तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करना चाहिए.
स्थानीय रेडियो और अन्य संचार साधनों से मौसम की जानकारी प्राप्त करते रहें.
क्या न करें
पशुओं को किसी एकल ऊंचे पेड़ के नीचे न बांधे.
ऊंचे स्थान खासकर पहाड़ों पर पशु के खाने और पानी के लिये धातु निर्मित नाद का उपयोग नहीं करना चाहिए.
तालाब और जलाशय के समीप पशुओं को न ले जाएं.
बिजली के उपकरण या तार के साथ संपर्क से पशुओं को बचाएं व बिजली के उपकरणों को बिजली के संपर्क से हटा दें.
साथ ही बिजली एवं टेलीफोन के खंभों के नीचे पशुओं को कदापि नहीं बांधे.
क्योंकि ऊंचे पेड़, ऊंची इमारतें और टेलीफोन व बिजली के खंभे आसमानी बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.
निष्कर्ष
यदि आप पशुओं को आकाशीय बिजली से बचाना चाहते हैं तो इन तरीकों को अपनाना होगा. इससे आप खुद एक बड़े नुकसान से बचा पाएंगे. इससे आने वाले समय में आपको अच्छा फायदा होगा.











