नई दिल्ली. मध्य प्रदेश राज्य देश के कुल दूध उत्पादन में तकरीबन 9 फीसद का हिस्सेदार है. यानी देश के कुल दूध उत्पादन में 9 फीसदी दूध का उत्पादन इसी राज्य से होता है लेकिन सरकार इसे बढ़ाना चाहती है. सरकार का मनना है कि राज्य और ज्यादा दूध का उत्पादन कर सकता है. इसी वजह से मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार इस 9 फीसद दूध उत्पादन को 20 परसेंट तक ले जाना चाहती है. ताकि राज्य के डेयरी किसानों की आय बढ़े और इसका फायदा उन्हें मिले. जबकि इससे प्रभावित होकर अन्य लोग भी डेयरी फार्मिंग जैसे काम में आगे आएं.
सरकार की तरफ से इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई स्तर पर काम किया जा रहे है. वहीं डेयरी फार्मिंग से किसानों को जोड़ने के लिए सरकार कई योजनाएं भी चला रही है. ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी पशुपालन करें और दूध उत्पादन करके अपनी इनकम को बढ़ाएं. इससे राज्य में दूध उत्पादन भी तेजी के साथ बढ़ जाएगा.
योजना की तमाम डिटेल यहां जानें
तमाम योजनाओं में आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना सरकार की तरफ से चलाई जा रही है. इस योजना के तहत कम से कम पांच से पशु को पालन करने का विकल्प मिलता है.
इस योजना में 75 फीसद तक लोन बैंक के जरिए हासिल किया जा सकता है. वहीं 25 फीसद राशि खुद किसान को खर्च करनी होगी. यानी 25 फीसद खर्चे पर पशुपालन का काम शुरू किया जा सकता है.
इस योजना में सामान्य वर्ग को 25 परसेंट और एससी एसटी वर्ग के लोगों को 33 प्रतिशत और अधिकतम 2 लाख रुपए तक की सहायता देने का प्रावधान किया गया है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आचार्य विद्यासागर गांव संवर्धन योजना किसानों को आर्थिक मदद देती है. ताकि वह अपनी जमीनों पर ज्यादा से ज्यादा गाय पाल सकें.
इस योजना का फायदा पाने वाले सभी वर्ग के लोगों के पास पांच दुधारू पशु और चारा उगाने के लिए कम से कम एक एकड़ की जमीन होनी चाहिए.
ये योजना स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की संख्या में वृद्धि करने और नस्ल सुधार करने के लिए भी शुरू की गई है. इसके तहत आप गिर, साहीवाल, हरियाणवी और थारपारकर जैसी गाय को पाल सकते हैं.
निष्कर्ष
डेयरी फार्मिंग के जरिए अगर आप अपनी इनकम बढ़ाना चाहते हैं और इसके अलावा एक दूसरा काम भी करना चाहते हैं तो यह योजना आपके लिए बेहद ही अच्छी साबित हो सकती है.












