नई दिल्ली. मध्य प्रदेश में ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए गोशालाओं में पल रहे गोवंश की देखभाल के लिए खास तरह के इंतजाम किए गए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य दिनों में जहां सिर्फ आहार और पानी की व्यवस्था रहती है, वहीं इस बार सर्दी से बचाने के लिए शासन और गोसेवकों दोनों ने मिलकर अतिरिक्त इंतजाम किए हैं. ताकि गोवंश को कोई दिक्कत न आए. गौरतलब है कि जिले में 20 निजी और मनरेगा के तहत 14 सरकारी गोशालाएं संचालित हो रही हैं, जिन पर प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है.
पशुपालन विभाग ने सर्दी से सुरक्षा को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की है और पालन न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. रूटीन के विपरीत अब गोशालाएं छप्पर, टिनशेड, मोटी बिछावन, गुनगुना पानी और पौष्टिक आहार जैसे अतिरिक्त इंतजमा कर रही हैं. सभी गोशाला संचालकों को आदेश जारी किए गए हैं कि तापमान गिरने से पहले हर तैयारी पूरी कर ली जाए.
दिया जा रहा है स्पेशल काढ़ा
गौरतलब है कि ठंड में गायें हाइपोथर्मिया की अधिक शिकार होती हैं. इससे बचाने के लिए गुड़, अजवाइन, पीपली, लौंग और सरसों के तेल से बना विशेष काढ़ा नियमित दिया जा रहा है.
यह रूटीन आहार में शामिल नहीं होता और केवल सर्दी के महीनों में ही तैयार किया जाता है. इससे खांसी, जुकाम और शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है.
जानकारी के मुताबिक निशातपुरा, सूखी सेवनिया और हलाली डैम स्थित गोशालाओं में अब गायों को खुले की बजाय शेड में रखा जा रहा है.
सुबह-शाम काढ़ा पिलाकर बॉडी हीट बढ़ाने की ‘स्पेशल हीट रूटीन’ लागू की गई है. सप्ताह में एक दिन सभी गायों को गुड़ देना जरूरी है.
वहीं सरकार की तरफ से गोशालाओं में शेड सूखी बिछावन की व्यवस्था करने और बीमार व कमजोर पशुओं को अलग सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
साथ ही पौष्टिक आहार, गुनगुना पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. वहीं नियमित वेटनरी विजिट की भी बात कही गई है.
गोवंश पर तेल-मालिश, प्लास्टिक शीट से ठंडी हवा रोकने, फर्श को सूखा रखने और हर हफ्ते गोशाला-वार रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है.
निष्कर्ष
असल में सरकार ने गौवंशों की हिफजात के लिए ये कदम उठाए हैं. ताकि ठंड से इन पशुओं को होने वाली तमाम दिक्कतों से बचाया जा सके.












