नई दिल्ली. बिहार के दो जिलों में काफी संख्या में कौवों की मौत का मामला सामने आया है. कौवों की मौत की सूचना मिलने पर बिहार सरकार का डेयरी, मत्सय एवं पशु संसाधन विभाग अलर्ट हो गया है. विभाग की ओर से पूरे राज्य में पोल्ट्री फार्मर्स के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है कि वह बर्ड फ्लू को लेकर एहतियात बरतें. हालांकि विभाग के आला अधिकारियों की ओर से बयान जारी करते हुए कहा गया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. क्योंकि बर्ड फ्लू जैसा खतरा राज्य में नहीं है लेकिन एहतियात बरतने के लिए जरूर सलाह दी गई है.
असल में हाल ही के कुछ दिनों में भागलपुर के नवगठिया और दरभंगा में कौवों की असामयिक मौत का मामला सामने आया है. डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग बिहार सरकार के सचिव कपिल अशोक की ओर से बताया गया कि इसके बाद विभाग की ओर से वहां टीम भेजी गई है और सैनिटाइजेशन का काम भी किया गया है. जरूरी एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए गए.
क्या-क्या कहा, जानें यहां
उन्होंने राज्य भर के तमाम पोल्ट्री फार्मर्स के लिए भी सलाह जारी की है. उनकी ओर से कहा गया है कि हम तमाम पोल्ट्री फार्मर्स को अलर्ट रहने की अपील करते हैं.
उन्होंने कहा कि अलर्ट रहने की जरूरत है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि पूरे राज्य में किसी भी पोल्ट्री फार्म से इस तरह की सूचना नहीं है.
बताया कि किसी भी पोल्ट्री फार्म से ना तो मुर्गी बत्तख या फिर अंडा उत्पादन यूनिट में इस तरह से मुर्गे—मुर्गियों की मौत का मामला सामने नहीं आया है.
न ही किसी पोल्ट्री फार्मर की ओर से इस बारे में सूचना दी गई है और ना तो विभाग की टीम ने इस संबंध में कोई पुष्टि की है.
उन्होंने तमाम पोल्ट्री फार्मर से एहतियात बरतने की सलाह दी है और बर्ड फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विभाग की टीम को सूचना देने की अपील की है.
वहीं आम लोगों के लिए भी सलाह जारी की गई है. ऐसे में अंडा और चिकन उबालकर ही खाना चाहिए. ताकि बर्ड फ्लू का खतरा नष्ट हो जाए.
उन्होंने तमाम पोल्ट्री फार्मर्स से अपील की है कि अगर एवीएन इन्फ्लूएंजा जैसे कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत विभाग की टीम को सूचित करें.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि बर्ड फ्लू की बीमारी इतनी खतरनाक होती है कि एक बार अगर ये पोल्ट्री बर्ड में फैल जाए तो पूरे कारोबार को नष्ट कर सकती है. जिससे पोल्ट्री फार्मर को बड़ा आर्थिक नुकसान होता है.












