नई दिल्ली. जिस तरह से पानी इंसानों के लिए जरूरी है. ठीक उसी तरह से जानवरों के लिए भी पानी का बेहद महत्व है. खासतौर पर डेयरी पशुओं के लिए जो दूध का उत्पादन करते हैं. उनके लिए पानी बेहद महत्वपूर्ण तत्व बन जाता है. अगर पशु को उनकी क्षमता के मुताबिक कम पानी दिया जाए तो इससे दूध उत्पादन पर सीधे तौर पर प्रभाव पड़ता है और डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में पशुपालक भाई को नुकसान भी हो सकता है. इसलिए पानी कब कितना पिलाना चाहिए, कैसा पिलाना चाहिए, इस बारे में भी पशुपालक को जानकारी होना जरूरी है. तभी वो डेयरी फार्मिंग में अच्छा उत्पादन पशुओं से ले सकते हैं.
बात की जाए तथ्यों की तो पशु के शरीर के लिए पानी इसलिए जरूरी है, क्योंकि ये पाचन को मजबूत बनाता है और इससे शारीरिक तापमान नियंत्रित होता है. वहीं पशुओं के शरीर से वेस्ट को निकालने में भी अपनी बेहद ही मददगार साबित होता है. दूध उत्पादन में पानी की अहमियत की बात की जाए तो तकरीबन एक दुधारू पशु को हर दिन 75 से 80 लीटर पानी की जरूरत होती है. जिसके बिना उत्पादन पर असर पड़ सकता है.
शरीर को ठंडा रखता है पानी
आने वालासमय गर्मी का है और शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में पानी बेहद ही जरूरी है. क्योंकि पशुओं के शरीर को ठंडा रखने के लिए पानी मदद करता है.
पशु को पर्याप्त पानी न मिलने पर दूध की मात्रा तुरंत कम हो जाती है. जबकि इसकी पर्याप्त मात्रा दूध उत्पादन को बढ़ाने में मददगार साबित होती है.
पानी की अहमियत का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि, जितनी जरूरत पशुओं को चारे की होती है, उतनी ही पानी की भी होती है.
पानी सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं बल्कि शरीर की हर महत्वपूर्ण क्रिया को सही ढंग से चलाने के लिए जरूरी होता है.
पशुओं को जो भी हरा चारा सूखा चारा या दूसरी चीज खिलाई जाती है. जिससे दूध उत्पादन बढ़ सके, उन सभी को सही और समय पर पचाने के लिए पानी अहम होता है.
एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि दूध के अंदर 85 फीसद तक पानी होता है. इसलिए भी दुधारू पशु को पानी देना जरूरी होता है.
इंसानों की तरह ही पशुओं के शरीर में भी टॉक्सिन यानी विषाक्त पदार्थ होते हैं, जो पानी के जरिए यूरीन और गोबर के माध्यम से बाहर आते हैं.
गर्मी में पशुओं को पर्याप्त पानी ना पिलाने से उन्हें डीहाइड्रेशन हो सकता है. जिससे मोटाबॉलिज्म प्रभावित होता है.
निष्कर्ष
पानी हर तरह से पशुओं के लिए महत्वपूर्ण है ये बात तो आप समझ ही चुके होंगे. इसलिए जरूरी है कि पशुओं को पर्याप्त पानी पिलाएं.












