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Dairy: एनडीडीबी मार्डन डेयरी तरीकों को अपनाने और अगली पीढ़ी को जोड़ने पर करेगा फोकस

न्यूजीलैंड के डेयरी एक्सपर्ट के साथ एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी बोर्ड NDDB लगातार ऐसा काम कर रहा है. जिससे डेयरी सेक्टर को मजबूत बनाया जा सके. इसी कड़ी में NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने ग्लोबल डेयरी सेक्टर में उभरते मौकों और चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए न्यूजीलैंड के डेयरी एक्सपर्ट डॉ. जॉन नीजेन के साथ एनडीडीबी आनंद में विस्तार से बातचीत की.
बेठक के दौरान, एनडीडीबी के चेयरमैन ने चल रही तमाम पहलों का ओवरव्यू दिया, जिसमें जानवरों की ब्रीडिंग और न्यूट्रिशन में हो रहे दखल पर रोशनी डाली गई.

इस दौरान जानवरों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए जीनोमिक चिप्स और टोटल मिक्स्ड राशन (TMR) इस्तेमाल जैसी शामिल पहलों पर चर्चा की गई. डॉ. नीजेन ने किसानों तक डिजिटल पहुंच के बढ़ते महत्व पर जोर दिया, और अगली पीढ़ी को जोड़ने और मॉडर्न डेयरी तरीकों को ज़्यादा अपनाने को बढ़ावा देने में मोबाइल एप्लीकेशन की भूमिका पर बात की.

न्यजीलैंडड में आ रही चुनौतियों पर भी हुई चर्चा
एनडीडीबी चेयरमैन ने भारत की तेजी से बढ़ती डेयरी इंडस्ट्री पर भी चर्चा की, जिसमें दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग और यह पक्का करने के लिए NDDB की कोशिशों पर ध्यान दिया गया कि यह सेक्टर भविष्य की ज़रूरतों को पूरा करे.

बातचीत में न्यूजीलैंड में सामने आ रही चुनौतियों पर भी बात हुई और इसमें नेट-ज़ीरो डेयरी और सस्टेनेबल तरीकों की दिशा में भारत की प्रगति पर बातचीत भी शामिल थी.

वहीं दूसरी ओर एनडीडीबी अप्रैल 2025 से ‘वन हेल्थ’ फ्रेमवर्क के तहत DISHA (डेयरी इंटीग्रेटेड सेफ्टी एंड हेल्थ एक्शन) प्रोजेक्ट को लागू कर रहा है.

इस पहल के हिस्से के तौर पर, भारत के प्रोजेक्ट इंचार्ज ने NDDB के सहयोग से DVFA, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोपेनहेगन और डालम एग्रीकल्चरल कॉलेज द्वारा आयोजित खुर के हेल्थ मैनेजमेंट पर दो हफ़्ते के कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया.

इंटेंसिव ट्रेन-द-ट्रेनर प्रोग्राम ने लंगड़ेपन की रोकथाम, फंक्शनल ट्रिमिंग, लोकोमोशन स्कोरिंग, घाव का पता लगाने और किसान-ओरिएंटेड एक्सटेंशन टूल्स के डेवलपमेंट में क्षमताओं को मज़बूत किया.

थ्योरी सेशन, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और केस-बेस्ड चर्चाओं से खुर के स्वास्थ्य में दुनिया भर के सबसे अच्छे तरीकों के बारे में जानकारी मिली.

NDDB अब मोबाइल खुर-ट्रिमिंग क्रेट, यूनियन-लेवल TOTs, बेसलाइन लंगड़ेपन का असेसमेंट, डिजिटल स्कोरिंग टूल्स, किसान आउटरीच मटीरियल और गाय-आराम के लिए इंटरवेंशन खरीदने सहित स्ट्रक्चर्ड फॉलो-अप एक्शन लेगा.

ये कोशिशें DISHA जगहों पर खुर के स्वास्थ्य से जुड़े बचाव के तरीकों को बढ़ावा देंगी और मॉडल फार्म डेवलपमेंट में मदद करेंगी.

एनडीडीबी ने वन हेल्थ दृष्टिकोण के माध्यम से भारत की डेयरी प्रणालियों को मजबूत करने में उनके समर्थन के लिए रॉयल डेनिश दूतावास, डीवीएफए, कोपेनहेगन विश्वविद्यालय और डालम कृषि महाविद्यालय को धन्यवाद दिया.

Written by
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