नई दिल्ली. मछली पालन आमतौर पर तालाब में किया जाता है. मछली पालक गहरे तालाब खुदवाकर उसमे मछली पलते हैं और फिर अपना व्यापार करते हैं. हालांकि अब साइंस की मदद से फिश फार्मिंग बड़ी आसान हो गई है, जो कोई भी अपने घर पर मछली पालन करना चाहता है या खेत में पालन चाहता है तो वह नई टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसा कर सकता है. इतना ही नहीं अगर आप खेत में या घर पर मछली पालन करते हैं तो सरकार आपको 60% तक सब्सिडी देती है.
आईए जानते हैं घर या खेत में कैसे मछली पालन किया जा सकता है. मछली पालन के लिए तालाब नहीं है तो इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है. घर पर ही मछली पालन बड़ी आसानी से किया जा सकता है. बताते चलें कि प्रधानमंत्री मत्स्य से संपदा योजना के तहत सरकार ने बैकयार्ड सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम के जरिए मछली पालन की योजना लागू किया है. इस तरह सरकार महिलाओं, अनुसूचित जातियों और जनजाति को 60 फ़ीसदी सब्सिडी दे रही है. जबकि आम जनता को 40 फ़ीसदी सब्सिडी देने का नियम है. अब बात की जाए कैसे घर पर मछली पालन किया जा सकता है.
घर में बनाना होगा एक टैंक
इसके लिए बस घर में सीमेंट अटैक बनाने की जरूरत पड़ती है. आसपास अगर सिमेंटेड टैंक है तो इसमें लगभग 60 से 80 किलोग्राम मछली रखी जा सकती है. आप मछली पालन अपने घर में इसी सीमेंट के टैंक को बनाकर कर सकते हैं. इसके लिए दो कमरों की जरूरत होती है. एक कमरे में मछली पालन किया जाता है. जबकि दूसरे कमरे में खुद रह सकते हैं. फिलहाल सरकार इस योजना पर काम करने वाले को सब्सिडी रही है ताकि इससे बेरोजगारी को दूर किया जा सके.
80 किलोग्राम मछली हो जाती है तैयार
प्लास्टिक टैंक में जमीन और कम लागत में मछली पालन आसानी से हो सकता है. 4 मीटर बाहरी और 2 मीटर अंदरूनी क्षेत्रफल वाले इस टैंक में सिंगी, मांगुर और अन्य मछलियां पाली जाती हैं. इन सभी को अलग-अलग शिफ्ट किया जाएगा. मतलब यह है कि एक टाइम में एक ही प्रजाति की मछलियों को आप पाल सकते हैं. टैंक में एक बार में 10 हजार सिंघी मछली के बीज डाले जा सकते हैं. चार महीने में 80 किलोग्राम वजन की मछली तैयार हो जाती है. इस प्रकार के टैंक से मछली उत्पादन पर लगभग 2 लाख रुपये की आमदनी हो सकती है.










