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Fisheries: मछली पालन संग बत्तख पालन के हैं ये तीन फायदे, पढ़ें यहां

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन एक अच्छा काम है और इसे करके आप अच्छी आमदनी कमा सकते हैं, लेकिन अगर आप इसके साथ बत्तख पालन करते हैं तो फिर आपकी इनकम और ज्यादा हो सकती है. क्योंकि मछलियों की फीड पर आने वाला खर्च मछली पालन की वजह से काफी हद तक कम हो जाता है. जबकि बत्तख के अंडों को भी बेचकर आप कमाई कर सकते हैं. फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति मछली पालन के साथ-साथ बत्तख पालन भी करे तो यह एक बेहतर सौदा उसके लिए साबित हो सकता है.

आपको बता दें कि मछली पालन एक ऐसा काम है, जिसमें हर साल 5 से 6 लाख रुपए की कमाई आसानी के साथ की जा सकती है लेकिन शर्त ये है कि मछली पालन के काम को अच्छे ढंग से किया जाए. उनकी देखभाल की जाए, समय-समय फीड दिया जाए तभी मछली पालन में फायदा मिलेगा. इससे मछली पालन में अच्छी कमाई की जा सकती है.

बीट से मछलियां भरती हैं पेट
मछली पालन करने वाले किसान भाइयों का कहना है कि जब उन्होंने मछली पालन के साथ-साथ बत्तख पालन का काम शुरू किया तो इससे उनका फायदा बढ़ गया. क्योंकि बत्तख जब तालाब के अंदर जाती है तो बीट करती है. इस बीट को करने की वजह से मछलियों के फीड की लागत कम हो जाती है. मान लीजिए कि मछली के लिए तीन बोरा फीड लग रहा है लेकिन अगर आप बत्तख पालन भी करते हैं तब एक बोरा फीड कम लगेगा. यानी एक बोरे फीड के बराबर बत्तख के बीट से मछलियों को फीड मिल जाएगा और इससे उनकी ग्रोथ रेट भी तेज होगी और उनके मीट में स्वाद भी आएगा. जबकि इसका फायदा यह भी है कि मछलियों का वजन तेजी के साथ बढ़ता चला जाएगा.

प्राकृतिक एयरेटर का काम करती हैं बत्तखें
इतना ही नहीं अगर तालाब में बत्तखें इधर-उधर घूमती हैं तो यह एक प्राकृतिक एयरेटर का काम करती हैं. जबकि तालाब में ऑक्सीजन की मात्रा को बनाए रखने के लिए मछली पालकों को एयरेटर चलाना पड़ता है. जिस पर अलग से खर्च करना होता है. एयरेटर चलने की वजह से बिजली का भी खर्च आता है. जबकि बत्तख पालन करते हैं तो एयरेटर चलाने का खर्च भी बच जाता है. इससे भी मछली पालन के काम में कमाई बढ़ती है.

अंडों से भी होती है कमाई
वहीं कमाई का एक और जरिया यह भी है कि बत्तख अंडों का उत्पादन करती हैं और बच्चों का अंडा भी अच्छी कीमत पर बिकता है. ठंड में बत्तख के अंडे की अच्छी खासी कीमत मिलती है. क्योंकि यह गर्म ज्यादा होता है और इस वजह से लोग इसे हाथों-हाथ खरीद लेते हैं. कुल मिलाकर कहा जाए तो मछली पालन के साथ बत्तख पालन करना है एक मुनाफे का सौदा है और इससे तमाम मछली पलकों को इस काम कोअपनाना चाहिए.

Written by
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