लखनऊ. पशुपालन के अलावा उत्तर प्रदेश में फिशरीज सेक्टर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. फिशरीज सेक्टर को आगे ले जाने के लिए तमाम काम किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में हाल ही में मीन महोत्सव का भी आयोजन किया गया था. जिसका फायदा भी मिला है. सरकार की ओर से बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में मत्स्य विकास के क्षेत्र में 30 कंपनियां 1407 करोड़ का निवेश करेंगी. इससे जहां मछली पालकों को भी फायदा मिलेगा, वहीं करीब दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा.
गौरतलब है कि मीन महोत्सव में मत्स्य विभाग को 1200 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. वहीं दिसंबर में हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश भी करने का प्रस्ताव मिल चुका है. औरो सुंदरम फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपये से वाराणसी में निवेश प्रस्ताव दिया है. जबकि प्रोबस स्मार्ट थिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड तथा नेक्सजेन कंपनियां 200-200 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी.
किसने कितने का किया निवेश
जानकारी के लिए बता दें कि दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में 100 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है.
कंपनी के एवी सुब्रमण्यम ने बताया कि उनकी कंपनी बाराबंकी में फिश फीड प्लांट लगाएगी.
2027 तक पूरी होने वाली इस परियोजना से 300 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.
ऐसे ही आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड भी अमेठी में फिश प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगी.
वह करीब 200 करोड़ निवेश करेगी. यह प्लांट 2028 तक तैयार होगा। ऐसे ही कई अन्य जिलों में भी कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है.
एक बयान के मुताबिक आंध्र प्रदेश की ‘नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड’ उत्तर प्रदेश में मछली प्रसंस्करण संयंत्र लगाएगी.
कंपनी ने राज्य में 200 करोड़ रुपए निवेश करने की इच्छा जताई है. कंपनी के निदेशक दीपक श्रीनिवास ने राज्य के औद्योगिक परिवेश की तारीफ की.
उन्होंने बताया कि संयंत्र में 150 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा. ये प्लांट वर्ष 2028 तक तैयार हो जाएगा.
उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग के महानिदेशक धनलक्ष्मी के ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पहली बार देश-प्रदेश के 5000 मत्स्य किसानों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों को एक जगह एकत्र किया गया.
17-18 दिसंबर 2025 को हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले. ये प्रस्ताव जल्द ही धरातल पर उतरेंगे.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि सरकारें भी समझ चुकी हैं कि किसानों की इनकम को बढ़ाने के लिए कृषि के अलावा एक अन्य काम भी उनके पास होना चाहिए. इसलिए मछली पालन जैसे कामों में किसानों को आगे लाने का काम किया जा रहा है.










