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Fish Farming: सरकार ने ईईजेड में मछली पकड़ने के लिए एक्सेस पास की शुरुआत की, मिलेगा कई फायदा

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने 20 फरवरी 2026 को समुद्री क्षेत्र को और बढ़ावा देने और ईईजेड का स्थायी रूप से उपयोग करने के लिए केसीसी ग्राउंड, वेरावल, गुजरात से सभी 13 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए देश के ईईजेड में मछली पकड़ने के लिए एक्सेस पास की शुरुआत की. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने देश के सभी 24 मत्स्य सहकारी समितियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 37 मछुआरों को एक्सेस पास दिए. माननीय केंद्रीय मंत्री ने कल वेरावल में आयोजित एक्सेस पास पहल के राष्ट्रीय शुभारंभ के दौरान 13 तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के चयनित मछुआरों को पास दिए.

एनआईसी और मत्स्य पालन विभाग द्वारा एक राष्ट्रीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित रीएएलसीराफ्ट पोर्टल, मछली पकड़ने वाले जहाजों के पंजीकरण और लाइसेंसिंग, स्वामित्व के हस्तांतरण और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए समुद्री मछुआरों और तटीय राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को वेब-आधारित, नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करता है. इससे व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा मिलता है.

समुद्री मछली पकड़ने के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल पूरे देश में सुरक्षित, अधिक पारदर्शी और बेहतर विनियमित समुद्री मछली पकड़ने के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

ईईजेड नियमों के अंतर्गत मशीनीकृत और बड़े आकार के मोटर चालित जलयानों के लिए एक एक्सेस पास की आवश्यकता होती है.

इसे ऑनलाइन पंजीकरण और लाइसेंसिंग ऑफ फिशिंग क्राफ्ट (रीएएलसीराफ्ट) पोर्टल के माध्यम से फ्री हासिल किया जा सकता है.

रीएएलसीराफ्ट को मछली पकड़ने और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करने के लिए समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) और निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी) के साथ भी एकीकृत किया गया है.

यह प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में समुद्री भोजन के निर्यात के लिए प्रमुख आवश्यकताएं हैं. यह एकीकृत डिजिटल प्रणाली एंड-टू-एंड ट्रैसेबिलिटी, सैनिटरी अनुपालन और इको-लेबलिंग सुनिश्चित करती है. इससे भारतीय समुद्री उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ती है.

इसके अलावा, मत्स्य पालन विभाग ने मछुआरों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के कौशल, सुरक्षा जागरूकता और निर्यात-ग्रेड हैंडलिंग प्रथाओं से लैस करने की भी कोशिश कर रहा है.

जिसके लिए सिफनेट, एफएसआई और तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझेदारी में संरचित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है.

सहकारिता मंत्रालय के साथ मत्स्य पालन विभाग के एक संयुक्त कार्य समूह का भी गठन किया गया है.

ताकि छोटे पैमाने के मछुआरों की भागीदारी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा सके और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने, कटाई के बाद प्रबंधन, प्रासेसिंग और निर्यात मूल्य श्रृंखलाओं में मत्स्य सहकारी समितियों को मजबूत किया जा सके.

Written by
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