Home मछली पालन Fish Farming: तालाब की सफाई न होने से मछलियों की रुक जाती है ग्रोथ, होता है बड़ा नुकसान
मछली पालन

Fish Farming: तालाब की सफाई न होने से मछलियों की रुक जाती है ग्रोथ, होता है बड़ा नुकसान

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
तालाब में मछली निकालते मछली पालक

नई दिल्ली. मछली पालन के काम में तालाब की नियमित रूप से सफाई करना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि तालाब के अंदर मछलियों का वेस्ट निकलता रहता है. बचा हुआ फीड और उसमें मौजूद वेस्ट वगैरह अगर समय पर नहीं हटाए गए तो यह सड़ने लगते हैं. इससे तालाब के पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. नतीजे में मछलियों को दिक्कत होने लगती है और इससे उनकी ग्रोथ पर सीधा असर पड़ता है. मछलियों की ग्रोथ भी कम होती है. साथ ही उत्पादन भी प्रभावित होता है. जिससे मछली पालक को नुकसान होता है. इसलिए सफाई बेहद ही जरूरी है.

फिशरीज एक्सपर्ट कहते हैं कि मछलियों की अच्छी ग्रोथ के लिए जरूरी है कि तालाब के पानी में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखा जाए. हानिकारक अमोनिया और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी गैसों को कम करना भी बेहद जरूरी है. साथ ही खतरनाक बैक्टीरिया शैवाल की ग्रोथ को भी रोका जाना जरूरी है. तभी मछलियां स्वस्थ रह पाती हैं और उनकी ग्रोथ अच्छी होती है और नतीजे में अच्छा उत्पादन मिलता है. जिससे मछली पालकों को फायदा होता है.

किन-किन चीजों को साफ करना चाहिए
फिशरीज एक्सपर्ट कहते हैं कि मछलियां जिन तालाब में रहती हैं, तालाब के तल पर जमा होने वाला कीचड़ और मछलियों का वेस्ट जरूर साफ करना चाहिए.

मछली के तालाब के अंदर घास, मृत हो चुकी पत्तियां और पौधों के अवशेष को तुरंत निकाल कर बाहर करना चाहिए. क्योंकि ये पानी की गुणवत्ता को खराब कर देती हैं. इसके चलते मछलियों को नुकसान होता है.

वहीं तालाब में अक्सर मछलियों को दिया गया फीड बच जाता है. खासतौर पर ठंड में मछलियां कम फीड कम खाती हैं

जबकि कई मछली पालक ज्यादा फीड डालते रहते हैं. नतीजे में फीड बच जाता है और सड़कर अमोनिया गैस पैदा करता है. इसलिए इन्हें साफ करना जरूरी होता है.

तालाब में अक्सर फास्फेट और नाइट्रोजन की वजह से काई बढ़ जाती है. इसकी सफाई करना भी जरूरी है. वहीं पानी को छानने वाले फिल्टर को नियमित रूप से साफ करना भी जरूरी है.

निष्कर्ष
बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) के एक्सपर्ट कहते हैं कि मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इसको करके अच्छी कमाई की जा सकती है. बस जरूरत इस बात की होती है कि छोटी-छोटी बातों का रखा जाए, जिससे मछली पालन के काम में नुकसान न हो.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालन

Fisheries: ठंडे पानी की मछली का उत्पादन बढ़ाने को एक मंच पर आए एक्सपर्ट, कई कंपनियां भी हुईं शामिल

नई दिल्ली. मछली पालन विभाग ने श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी में ठंड पानी...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries Scheme: जलीय कृषि किसानों के लिए खुशखबरी, योजना का फायदा उठाकर बढ़ाएं अपनी इनकम

नई दिल्ली. व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए नियंत्रित वातावरण (तालाबों, टैंकों, पिंजरों) में...

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली सेहत के लिए फायदेमंद है.
मछली पालन

Fisheries: बिहार में मछली पालकों दिया जा रहा ई-रिक्शा और किट

नई दिल्ली. बिहार सरकार मछली पालन को बढ़ावा दे रही है. साथ...