नई दिल्ली. लुधियाना स्थित गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फिशरीज से पास हुए 20 फिशरीज ग्रेजुएट्स को पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (PSSSB) द्वारा आयोजित कॉम्पिटिटिव भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पंजाब के फिशरीज डिपार्टमेंट (DOF) में फिशरीज ऑफिसर्स (FOs) के तौर पर नियुक्त किया गया. उन्हें चंडीगढ़ में आयोजित एक राज्य-स्तरीय समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री एस. भगवंत मान से नियुक्ति पत्र मिले. नियुक्ति पत्र पाकर फिशरीज ग्रेजुएट्स फूले नहीं समा रहे थे. पंजाब के पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी विकास मंत्री एस. गुरमीत सिंह खुड्डियां और पंजाब के फिशरीज डायरेक्टर और वार्डन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए.
मुख्यमंत्री ने ईमानदारी और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी प्रोफेशनल काबिलियत और मेरिट के आधार पर यह पद हासिल करने के लिए नए नियुक्त FOs को बधाई दी. नए नियुक्त अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए, उन्होंने उनसे अपनी प्रोफेशनल विशेषज्ञता के साथ फिशरीज सेक्टर की सेवा करने और स्टेकहोल्डर्स को जरूरी क्षमता निर्माण, तकनीकी सहायता और उपयोगी सेवाएं समग्र रूप से प्रदान करने का आग्रह किया.
फिशरीज ग्रेजुएट्स का क्या होता है काम
वहीं नियुक्त हुए उत्साही लोगों को उनकी नियुक्ति पर हार्दिक बधाई देते हुए, वाइस चांसलर डॉ. जे.पी.एस. गिल ने फिशरीज शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला.
खासकर पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के मौकों और फिशरीज सेक्टर में आत्मनिर्भरता के लिए विभिन्न एंटरप्रेन्योरशिप विकल्पों के संदर्भ में.
उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में फिशरीज शिक्षा के लिए बेहतरीन एकेडमिक उत्कृष्टता वाला प्रमुख संस्थान है.
जो अंडरग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टरेट डिग्री प्रोग्राम्स के माध्यम से अत्यधिक कुशल फिशरीज प्रोफेशनल्स तैयार करता है, जो भारत और विदेशों में विभिन्न भूमिकाओं में इस सेक्टर की सेवा कर रहे हैं.
कुशल पूर्व छात्रों की करियर संबंधी उपलब्धि की सराहना करते हुए, कॉलेज ऑफ फिशरीज की डीन डॉ. मीरा डी. अंसल ने सभी को बधाई दी.
साथ ही नियुक्त अधिकारियों पर भरोसा जताया कि वे राज्य में उपलब्ध जलीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके फिशरीज विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में DOF के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करेंगे.
निष्कर्ष
बता दें कि फिशरीज ग्रेजुएट्स (बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस – BFSc) का काम बड़ा ही अहम होता है. उनका मछली पालन (Aquaculture) में मछली के स्वास्थ्य, जलीय कृषि पारिस्थितिकी और मछली उत्पादों के बिक्री व संरक्षण से जुड़ा होता है. साथ ही ये लोग वैज्ञानिक तरीकों से मछली उत्पादन बढ़ाने और जलीय संसाधनों के प्रबंधन का कार्य करते हैं. जिसका फायदा मछली किसानों को मिलता है.












