Home मछली पालन Fish Farming: नए मछली पालक जरूर पढ़ें ये पांच टिप्स, फिश फार्मिंग में बढ़ जाएगा कई गुना मुनाफा
मछली पालन

Fish Farming: नए मछली पालक जरूर पढ़ें ये पांच टिप्स, फिश फार्मिंग में बढ़ जाएगा कई गुना मुनाफा

मछली के तालाब में चूना पोषक तत्व होता है, ये कैल्शियम उपलब्ध कराने के साथ जल की अम्लीयता को कंट्रोल करता है.
मछली का तालाब.

नई दिल्ली. मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इससे अच्छी कमाई की जा सकती है. हालांकि आप पहली बार मछली पालन करने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी टिप्स है, जिनका ख्याल रखना आपके लिए बेहद जरूरी है. इनको अनदेखा करने पर हो सकता है कि फिश फार्मिंग के काम में पहली बार में आपको नुकसान पहुंच जाए और इससे आप फिश फार्मिंग का काम ही बंद कर दें. इसमें सबसे अहम बातों में ये सबसे महत्वपूर्ण ये है कि तालाब की गहराई. हर मछली पालक को यह पता होना चाहिए कि उसे तालाब की गहराई कितनी रखनी है. क्योंकि काफी हद तक मछली की ग्रोथ और उत्पादन तालाब की गहराई पर ही निर्भर करता है.

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि तालाब की गहराई कम से कम 5 फीट या उससे ज्यादा रखना बेहद ही जरूरी होता है. इसका फायदा यह होगा कि गर्मियों में जब तापमान बढ़ता है, तब भी पानी का निचला हिस्सा ठंडा रहेगा. जिससे मछलियां हीट स्ट्रेस में नहीं आएंगी और उनकी ग्रोथ सही तरह से होती रहेगी.

बर्ड नेट लगवाना चाहिए
कोशिश करें कि तालाब के चारों तरफ बर्ड नेट जरूर लगाएं. इस छोटी सी बात को नजर अंदाज करने का मतलब है कि बाद में बगूले और दूसरे शिकारी पक्षियों से भारी नुकसान उठाना. दरअसल, ये शिकारी पक्षी खासकर छोटी मछलियों को खा जाते हैं. इसलिए बर्ड नेट यानी शिकारी पक्षियों से मछलियों को बचाने वाली जाल लगवाना बहुत जरूरी है. वहीं मछलियों की इम्युनिटी और तेजी से ग्रोथ के लिए हर महीने हाइपर ग्रोथ ट्रॉनिक का छिड़काव तालाब में जरूर करना चाहिए. 1 किलो दवा को 50 लीटर पानी में मिलकर पूरी तालाब में छिड़काव करना चाहिए. यह दवा मछलियों को अंदर से मजबूत बनाती हैं. वही बीमारियों से लड़ने की ताकत भी मछलियों को देती है.

पानी की मोटर जरूर लगवाएं
वहीं चारा खाने वाली मछलियों को ज्यादा पोषण की जरूरत होती है. जिकी जरूरत यह टॉनिक बखूबी पूरा कर देता है. साथ यह मछलियां चारा ज्यादा खाती हैं, जिससे पानी में गंदगी और ऑक्सीजन की कमी तेजी से बढ़ती है. इसलिए तालाब में पानी का पंप या मोटर जरूर लगवाना चाहिए. ताकि पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को इससे मेंटेन किया जा सके. सबसे आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तालाब में हरियाली यानी फ्लाइटो प्लैंक्टन बना रहे. क्योंकि मछलियों को प्राकृतिक खाना चाहिए होता है और कत्ला जैसी मछलियां तो फ्लाइटो प्लैंक्टन खाकर ही ग्रोथ करती हैं. इसलिए ऐसी मछलियों को जरूरी प्राकृतिक चारा देना पड़ता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली सेहत के लिए फायदेमंद है.
मछली पालन

Fisheries: बिहार में मछली पालकों दिया जा रहा ई-रिक्शा और किट

नई दिल्ली. बिहार सरकार मछली पालन को बढ़ावा दे रही है. साथ...

मछली पालन

Fish Farming: बायोफ्लॉक पौंड में मछली पालन से हो रही कमाई, डीएम जानी हकीकत

नई दिल्ली. बिहार का शिवहर जिला राज्य के छोटे जिले में आता...