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Fish Farming Scheme: बिहार में सरकार करा रही है तालाब, पोखर, बायोफ्लॉक और चौर का बीमा

तालाब में मछली पालन करके कमाई की जा सकती है.

नई दिल्ली. मछली किसानों को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत बड़ा फायदा मिलने वाला है. असल में बिहार केे खगड़िया से खबर है कि इस योजना के तहत जिले के 1685 तालाब, पोखर, बायोफ्लॉक, चौर, मोईन का बीमा कराया जाएगा. प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत मछली पालकों के द्वारा जलीय क्षेत्रों में किए जा रहे मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए बीमा योजना का लाभ देने की कार्ययोजना तैयार की गई है. विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है.

इस संबंध में मत्स्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक देवेन्द्र नायक ने बिहार के सभी जिला मत्स्य पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि जलीय कृषि बीमा से मत्स्यकृषकों को फायदा पहुंचाया जाए. बताया जा रहा है कि मत्स्यपालकों के जलीय संरचनाओं के बीमा होने से मछली उत्पादन के दौरान कभी भी किसी न किसी कारण से अगर मछली मरने अथवा किसी अन्य प्रकार की आपदा आती है तो बीमा से सहयोग मिलेगा.

सैकड़ों हेक्टेयर का है जल क्षेत्र
मत्स्य विभाग से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के विभिन्न प्रखंडों में 1621 पोखर हैं. यदि इनमें नुकसान होता है तो मदद मिलेगी.

पोखर या तालाबों का जल क्षेत्र 1179.93 हेक्टेयर है. यानि इन रकबा में पोखर है और इसमें मछली पालन होता है.

वहीं जिले में 19 मोईन छह सौ हेक्टेयर में फैला हुआ है. जबकि जिले में 45 चौर हैं. इसका रकबा यानि जल क्षेत्र 12 सौ हेक्टेयर का है.

इन सभी पोखरों, मोईन, चौर का जलीय कृषि बीमा कराया जाना है. बताया जा रहा है कि विभाग द्वार इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेवारी सौंप दी गई है.

मत्स्य निदेशालय से संयुक्त मत्स्य निदेशक देवेन्द्र नायक ने पत्र जारी करते हुए जिला मत्स्य पदाधिकारी से कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत मत्स्य कृषकों को जलीय कृषि बीमा का फायदा पहुंचाएं.

उन्होंने भेजे पत्र में कहा कि बीते 31 अगस्त को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत एक दिवसीय जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

ये आयोजन मत्स्य कृषकों, मछली पालकों, मछुआरा, जलीय कृषि बीमा सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से किया गया था.

मछली किसानों को जलीय कृषि बीमा से फायदा पहुंचाने के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि एक पखवारा के भीतर लक्ष्य के मुताबिक बीमा कराएं.

जिला मत्स्य पदाधिकारी खगड़िया लाल बहादुर साफी का कहना है कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान तहत जलीय कृषि बीमा को लेकर लगातार विभाग द्वारा किसानों को जागरूक किया जा रहा है.

निष्कर्ष
निर्धारित समय अवधि तक सभी जलीय क्षेत्रों का बीमा का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. इससे किसानों को आपदा व बीमित जोखिम से होने वाले आर्थिक नुकसान में मदद मिलेगी.

Written by
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