Home मछली पालन PMMSY के तहत छह हजार करोड़ रुपए खर्च करके फिशरीज सेक्टर होगा मजबूत, होंगे ये पांच बड़े काम
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PMMSY के तहत छह हजार करोड़ रुपए खर्च करके फिशरीज सेक्टर होगा मजबूत, होंगे ये पांच बड़े काम

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मछली पकड़ने की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने फिशरीज सेक्टर को मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है. विभाग की ओर से वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2026-27 तक चार वर्षों की अवधि के लिए 6000 करोड़ रुपए खर्च करके कई काम किए जाएंगे. सरकार की ओर से बताया गया कि मौजूदा वक्त में चल रही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) नाम की एक नई केंद्रीय क्षेत्र की उप-योजना को शुरू किया गया है.

बता दें कि इस योजना के पांच ​हिस्से हैं. पहले हिस्से में फिशरीज क्षेत्र को व्यवस्थित रूप देना और कार्यशील पूंजी मदद देने के लिए भारत सरकार के कार्यक्रमों तक फिशरीज माइक्रो एंटरप्राइज की पहुंच को सुविधाजनक बनाना है. दूसरे हिस्से में जलकृषि बीमा लाभ को हासिल करने में सुविधा उपलब्ध कराना है. तीसरे हिस्से में फिशरीज सेक्टर में वैल्यू चेन में सुधार के लिए माइक्रो एंटरप्राइज को मदद उपलब्ध कराना है. वहीं चौथे हिस्से में मछली और मात्स्यिकी उत्पाद सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों को अपनाना और उनका विस्तार करना और पांचवे हिस्से में परियोजना मैनेजमेंट, मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग शामिल है.

लाखों मछुआरों व अन्य को किया रजिस्टर्ड
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्यपालन विभाग ने पिछले साल पीएम-एमकेएसएसवाई के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) लॉन्च किया था. एनएफडीपी का उद्देश्य मात्स्यिकी क्षेत्र में सभी हितधारकों के लिए कार्य-आधारित डिजिटल पहचान और डेटाबेस के निर्माण के माध्यम से भारतीय मात्स्यिकी और जलकृषि क्षेत्र को व्यवस्थित बनाना है. यह संस्थागत लोन तक पहुंच, मात्स्यिकी सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने, जलकृषि बीमा को प्रोत्साहित करने, मात्स्यिकी की ट्रेसबिलिटी प्रणाली और प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए ‘वन-स्टॉप’ सोल्यूशन के रूप में भी कार्य करता है. एनएफडीपी के तहत अब तक 20 लाख 25 हजार 676 मछुआरों, छोटे कारोबार, एफएफपीओ और कंपनियों को रजिस्टर्ड किया गया है.

लोन लेने में मिल दी जा रही है सहूलियत
प्रधान मंत्री मत्स्य किसान समृद्धि-साह योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) घटक एक के तहत मत्स्य श्रमिकों/उद्यमों के लिए संस्थागत लोन तक पहुंच को सुगम बनाकर वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के लिए प्रावधान प्रदान करती है. एनएफडीपी के तहत, क्रेडिट फैसिलिटेशन मॉड्यूल विकसित किया गया है और इसे लागू किया गया है. फायदा पालने वाले एनएफडीपी पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं और इसका फायदा उठा सकते हैं. अब तक, लाभार्थियों से 4066 लीड आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 129 आवेदन आंध्र प्रदेश से हैं और उन पर आवश्यक विचार हेतु बैंकों को भेज दिया गया है.

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