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पोल्ट्रीलेटेस्ट न्यूज

NECC से भी नाराज हुए यूपी के पोल्ट्री फार्मर, क्यों बढ़ती जा रही है नाराजगी

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में न्यू ऐग पॉलिसी पर सरकार ने रोक लगा दी है. इस बात से उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री फार्मर...

मछली पालन

घरेलू बाजार ही नहीं, अमेरिका-चीन ने भी झींगा लेने से किया इनकार, अब क्या होगा इस बाजार का

नई दिल्ली. देखा जाए तो अमेरिका-चीन और यूरोप में ऐसे कई देश हैं जो सिर्फ और सिर्फ भारतीय झींगा खाना ही पसंद करते...

पोल्ट्रीलेटेस्ट न्यूज

UP फॉर्मर्स का सवाल, ग्राहकों को हेल्दी और फार्मर को मिल रहा अच्छा रेट, तो फिर क्यों नई पॉलिसी पर लगी रोक

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार ने जब अंडों के स्टोरेज और सप्लाई के संबंध में कोल्ड चैन का पालन करने के मकसद से...

पोल्ट्रीलेटेस्ट न्यूज

आखिर क्यों हो रही कोल्ड चैन पॉलिसी लागू करने की मांग, यहां जानिए

नई दिल्ली. पोलट्री फार्मर की कुक्कुट विकास समिति ने अधिकारियों से मिलकर यूपी में दोबारा से कोल्ड चैन पॉलिसी (न्यू ऐग पॉलिसी) लागू...

डेयरीलेटेस्ट न्यूज

कौन सी बकरी है जो हर दिन देती है 5 लीटर दूध, क्यों फायदेमंद है इसको पालना, पढ़ें ये रिपोर्ट

नई दिल्ली. अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी (गडवासु) की ओर से लुधियाना में आयोजित किए गए मेले में पंजाब नस्ल की...

egg use
पोल्ट्रीलेटेस्ट न्यूज

यूपी सरकार की गाइडलाइन में अंडे को लेकर क्या-क्या नियम बनाए गए थे, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 अप्रैल से जारी की पोल्ट्री से संबंधित एक नई गाइड लाइन के तहत अंडों के रखरखाव...

डेयरीलेटेस्ट न्यूज

क्या आपको पता है इन दो नस्लों की बकरियां 15 से 20 लीटर दूध रोजाना दे सकती हैं

नई दिल्ली. क्या आपने कभी सुना या फिर देखा कि बकरियां रोजाना 15 से 20 लीटर दूध देती हों. देश के कई हिस्सों...

Central government seeks suggestions from poultry farmers to increase export of chicken-eggs, read details
पोल्ट्रीलेटेस्ट न्यूज

यूपी में दूसरे राज्यों से आते हैं 3.5 करोड़ अंडे, नियम न फॉलो हों तो क्या है इसका नुकसान

नई दिल्ली. अंडे एक जगह से दूसरी जगह यानी एक शहर से दूसरे शहर ले जाने के लिए नियम है, कि किस तरह...

उच्च तापमान के दौरान, पक्षी तापमान को नियंत्रित करने के लिए अपने व्यवहार और शारीरिक कार्यों में बदलाव करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप भोजन का सेवन कम हो जाता है और पानी की खपत बढ़ जाती है. इससे मल पतला हो सकता है और मूत्र की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे कोक्सीडियन बीजाणुओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सकता है. तेजी से हांफने से ऑक्सीडेटिव तनाव होता है, जिससे पक्षी माइकोप्लाज्मोसिस जैसे संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं.
पोल्ट्रीलेटेस्ट न्यूज

हरियाणा के रेट पर यूपी में क्यों बिकता है अंडा, क्यों इससे नाराज हैं यूपी के पोल्ट्री फॉर्मर्स

नई दिल्ली. वैसे तो देशभर में नेशनल ऐग कोआर्डिनेशन कमेटी (एनईसीसी) अंडों के रेट तय करती है. हर एक राज्ये में एनईसीसी का...

बकरी के चेचक की बीमारी को लेकर तीन से चार महीने की उम्र पर इसके बाद एक महीने के बाद बूस्टर टीका और फिर हर साल यह टीका लगाया जाता है.
पशुपालनलेटेस्ट न्यूज

Goat Farming: इस नस्ल के बकरे देंगे मुनाफा ही मुनाफा, बस इन पांच शर्ताें को करना होगा पूरा

एक्सपर्ट की मानें तो देश में बकरे-बकरियों की करीब 37 नस्ल पाई जाती है लेकिन मीट के लिए कुछ खास नस्ल के बकरों...