नई दिल्ली. बिहार सरकार की ओर से हाल ही में राज्य का बजट पेश किया गया. बिहार के नए बजट (2026-27) को वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने पेश किया. सरकार की ओर से बताया गया कि नया बजट बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है. इस बार 3,47,589.76 करोड़ का बजट पेश किया गया है. जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष जोर दिया गया है. इस बजट में सरकार की तरफ से डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग के जरिए किए जाने वाले कामों पर भी फोकस किया गया है. सरकार ने इस विभाग पर खास ध्यान दिया है.
सरकार की तरफ से डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में आने वाले कामों पशुपालन, डेयरी फार्मिंग, पोल्ट्री फार्मिंग और फिशरीज सेक्टर के लिए कई घोषणाएं की गईं हैं. गौरतलब है कि सरकार इन कामों के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाना चाहती है. ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो जाएं. वहीं इसका फायदा बहुत से किसान ले भी रहे हैं. वहीं सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिले. इसलिए कई अहम ऐलान किए गए हैं. आइए जानते हैं.
बिहार बजट में डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के लिए क्या है खास
बिहार सरकार की ओर से गोट सीमेन स्टेशन Goat Semen Station की स्थापना को स्वीकृति दी गई है. इससे अच्छी क्वालिटी के बकरे—बकरियों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी.
पशु रोगों के लगातार निगरानी के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है. इसके लिए सरकार ने “वन हेल्थ प्लेटफॉर्म” की स्थापना को मंजूरी दे दी है.
सरकार की तरफ से पशुओं का बेहतर इलाज करने के लिए डिजिटल एक्स-रे और 24×7 पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की बात कही गई है.
बिहार पशु प्रजनन विनियमन अधिनियम, 2025 लागू कर दिया है. इसका मकसद राज्य की प्रजनन नीति के अनुरूप पशुधन उत्पादकता, उन्नत नस्ल सुधार और सीमेन या भ्रूण उत्पादन के लिए एक कानूनी ढांचा स्थापित करना है.
समग्र गव्य विकास योजना के तहत डेयरी आधारित रोजगार के लिए लोन और सब्सिडी देने की बात सरकार ने कही है. जिसका फायदा किसानों को होगा.
पोल्ट्री रिसर्च एवं ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना को स्वीकृति दी गई है. ताकि राज्य में पोल्ट्री फार्मिंग में को भी बढ़ावा दिया जा सके.
बकरी प्रजनन, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना सरकार करेगी. ताकि बकरी पालन को और ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके.
हर गांव में दूध उत्पादन समिति का गठन किया जाएगा. साथ ही सुधा बिक्री केंद्र की होगी. ताकि इसका भी डेयरी फार्मर्स को मिले.
निष्कर्ष
सरकार के इन फैसलों से विभाग पशुपालन, पोल्ट्री, डेयरी और फिशरीज सेक्टर से जुड़े लोगों को फायदा होगा.












