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Fisheries: बिहार में मछली पालकों दिया जा रहा ई-रिक्शा और किट

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली सेहत के लिए फायदेमंद है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. बिहार सरकार मछली पालन को बढ़ावा दे रही है. साथ ही मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में सरकार की तरफ से मछली पालकों को जरूर मदद दी जाती है. गौरतलब है कि बिहार में मछली पालकों और मछुआरों को ई-रिक्शा, मत्स्य शिकार (fishing nets) और बिक्री किट (आइस बॉक्स के साथ) समय—समय पर दिया जाता है. ये मदद सरकार मुख्य रूप से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत दी जाती है. इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मछुआरा कल्याण योजना के तहत भी आधुनिक किट और वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं.

बिहार सरकार के निर्देश पर जमुई में डीएम नवीन ने श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम के मैदान पर मत्स्य विभाग के सौजन्य से आयोजित समारोह में मत्स्य पालकों के बीच ई रिक्शा, मत्स्य शिकार एवं विपणन किट का वितरण किया. इस योजना का उद्देश्य मछुआरों को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से स्वच्छता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है. इस अवसर पर बड़ी संख्या में मत्स्य पालक उपस्थित थे.

फिशरीज से जुड़े लोगों को मिलेगा फायदा
डीएम ने अग्नि ज्योति प्रज्जविलत कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि ई रिक्शा और किट से मत्स्य पालकों के स्वावलंबन को संबल मिलेगा.

फायदा पाने वाले लोग उपकरणों का सही उपयोग करें ताकि मछली का विक्रय सुरक्षित और ग्राहकों का विश्वास बढ़े.

कहा कि यह मत्स्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.

अत्याधुनिक उपकरण उनके कार्यों को सुरक्षित,स्वच्छ और लाभकारी बनाने में मदद करेगा. ई रिक्शा से मछलियों को बाजार ले जाने में आसानी होगी.

योजना के तहत मत्स्य शिकार एवं बिक्री में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्रियों को एक पैकेज के रूप में तैयार कर लाभार्थियों को दिया गया.

इसमें फेंका जाल, गिल नेट, हांडी, तराजू तथा इंसुलेटेड आइस बॉक्स जैसी उपयोगी सामग्री शामिल है. इन सभी उपकरणों पर लाभार्थियों को शत-प्रतिशत अनुदान दिया जाता है.

नवीन ने कहा कि इस योजना से मत्स्य जल स्रोतों से बाजार तक मछली को सुरक्षित और हाइजेनिक तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी.

इससे न केवल मछुआरों की आय में वृद्धि होगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी ताजी और सुरक्षित मछली उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेगी.

उन्होंने लाभार्थियों को दिए गए उपकरणों का सही उपयोग करने के साथ स्वच्छता के मानकों का पालन करने का संदेश दिया.

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी के अलावे कई विभागीय पदस्थ मौके पर उपस्थित थे.

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